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Deoria News: रामजानकी मार्ग से होती है पशु तस्करी, पुलिस की सुस्ती से बढ़ती गई रफ्तार

Thu, 18 Sep 2025 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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गोरखपुर के बड़हलगंज, बरहज, मईल और लार के मेहरौना चेक पोस्ट के रास्ते बिहार में आसानी से दाखिल हो जाते हैं पशु तस्कर
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गोरखपुर में पशु तस्करों के उपद्रव मचाने के बाद पूरी रात सक्रिय रही जिले की पुलिस, बाॅर्डर पर आने-जाने वाले वाहनों की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोवंशीय पशुओं की तस्करी देवरिया के रास्ते बिहार में करने का मामला सामने आया है। गोरखपुर रेंज में होने वाली पशुओं की तस्करी का रूट तत्कालीन आईजी अमिताभ यश ने वर्ष 2016 में चिह्नित कराया था, उसमें देवरिया के दो रूट भी शामिल थे। उन्होंने इस रूट से जुड़े थानेदारों को गश्त बढ़ाने और तस्करी रोकने के निर्देश दिए थे, मगर थानेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और तस्करी बदस्तूर जारी रही।
बिहार बाॅर्डर से सटे लार थाना क्षेत्र के मेहरौना पुलिस चौकी से आसानी से पशु तस्करों की गाड़ियों की एंट्री बिहार में मिल जाती है। गोरखपुर में पशु तस्करों के उपद्रव मचाने और युवक की हत्या के बाद देवरिया की पुलिस की नींद खुली और पूरी रात बिहार बाॅर्डर को जोड़ने वाले 46 स्थानों पर सलेमपुर व भाटपाररानी सीओ के नेतृत्व में अभियान चलाकर संदिग्ध वाहनों व लोगों की जांच की गई।
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इसके पूर्व बाॅर्डर क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता न के बराबर रही। पुलिस अफसरों की सख्ती के बाद भी रामजानकी मार्ग से जुड़े जिले के थाने बरहज, मईल और लार की पुलिस की पोल कई बार खुल चुकी है। मईल में कुछ दिन पहले वाहन पलटने से पशु तस्करी का भंडाफोड़ हो गया था। इसके अलावा मेहरौना चौकी पर तैनात पुलिस की सक्रियता की तब पोल खुल गई, जब मेहरौना बाॅर्डर पार कर सिवान जिले के गुठनी पुलिस ने बिहार में एंट्री होते ही श्रीकरपुर चेकपोस्ट पर पकड़ लिया था।
इसके बाद पुलिस की मिलीभगत से तस्करी का भंडाफोड़ हुआ था। इसमें तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने मेहरौना बाॅर्डर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की थी। पुलिस अफसरों की लाख कड़ाई के बाद भी पशु तस्करों से सांठगांठ रखने वाले पुलिसकर्मी तस्करी कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। तस्करों के बरामद मोबाइल के जरिये इस खेल में शामिल सफेदपोशों को भी पुलिस ने कई बार ट्रेस किया, मगर इस नेटवर्क में शामिल मजबूत लोगों की वजह से मामला खुला नहीं और ठंडे बस्ते में चला गया।
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देवरिया से पशु तस्करी के लिए चिह्नित हुआ था यह रूट
तत्कालीन आईजी के रूट चार्ट में गोरखपुर-बड़हलगंज से रामजानकी मार्ग होते हुए बरहज, मईल और लार थाना के मेहरौना बाॅर्डर से बिहार के सिवान जिले में और दूसरा रूट गौरीबाजार के रास्ते देवरिया सदर और रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के रास्ते बिहार, गोपालगंज तस्करों को गोवंशीय पशु लेकर जाने की बात कही गई थी। इस रूट के सभी थानेदारों को सक्रियता बरतने और क्राॅस चेकिंग पर निलंबित करने की बात कही गई थी।

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पुलिस को कुचल चुके हैं पशु तस्कर
जिले के रास्ते सिवान, गोपालगंज के रास्ते बंगाल तक पशुओं की तस्करी होती रही है। वर्ष 2017 में भाटपाररानी थाने में तैनात दरोगा उदय प्रताप सिंह को फुलवरिया चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पशु तस्करों ने कुचलकर मार डाला था। इस दौरान एक सिपाही को हल्की चोटें आई थीं। इसके बाद पुलिस ने अभियान चलाकर कई पशु तस्करों पर शिकंजा कसा। 21 नवंबर 2022 को बघौचघाट थाना क्षेत्र के पकहां में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहन रोकने का प्रयास किया तो पशु तस्कर पुलिस के वाहन में टक्कर मारकर भाग गए। बाल-बाल पुलिसकर्मी बचे। 31 जुलाई 2025 को पुलिस और पशु तस्करों के बीच बैकुंठपुर में मुठभेड़ हुआ था। इसमें पशु तस्करों के पैर में गोली लगी थी, मगर भागते समय पशु तस्करों ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी थी। ई-रिक्शा पलट गया था और चालक की मौत हो गई थी।
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आठ माह में दबोचे गए 105 पशु तस्कर
शासन की सख्ती के बाद पुलिस पशु तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि जनवरी से अगस्त तक 105 पशु तस्कर पकड़े गए। इनमें तीन पशु तस्करों की मुठभेड़ में गिरफ्तारी हुई। 36 पशु लदे वाहनों को कब्जे में लिया गया। वर्ष 2024 में 45 पशु तस्करों पर कार्रवाई हुई थी। इसमें एक पशु तस्कर व पुलिस से मुठभेड़ हुआ था। मेहरौना और सलेमपुर कोतवाली के अलावा बरियारपुर और बनकटा थाना क्षेत्र के रास्ते पशुओं की बड़ी खेप आसानी से तस्कर बिहार में पहुंचा देते हैं। अक्सर इन बाॅर्डर क्षेत्रों से पशुओं की तस्करी वाले वाहन को पुलिस पकड़ रही है।
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पुलिस पर पशु तस्कर ने चलाई थी गोली
बनकटा थाना क्षेत्र के रूस्तम बहियारी गांव के खड़वा टोला निवासी तार बाबू का पशु तस्करी का नेटवर्क जिले से लेकर बिहार तक फैला है। बनकटा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। कई बार पुलिस से इसका सामना हो चुका है और जेल जा चुका है, मगर पशु तस्करी के धंधे पर पुलिस रोक नहीं लगा सकी। वर्ष 2017 में भाटपारानी के थानाध्यक्ष रहे गजेंद्र राय को सूचना मिली कि फुलवरिया चौराहे के पास तार बाबू वाहन की धुलाई करा रहा है, उस समय तार बाबू एक मुकदमे में वांछित था। पुलिस वहां पहुंची और घेराबंदी की। खुद को घिरता देख तार बाबू ने गजेंद्र राय पर गोली चला दी थी। बाल-बाल थानाध्यक्ष बचे, इसकी जानकारी होने के बाद एसपी समेत कई थानों की पुलिस व पीएसी तारबाबू के गांव पहुंच गई और पूरी रात सर्च ऑपरेशन चला, मगर पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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स्टीमर से पशुओं को बिहार ले जाते हैं तस्कर
लार थाना क्षेत्र के नदौली गांव के रहने वाले दो पशु तस्कर स्टीमर रखे हैं। सूत्रों की मानें तो बरहज से रात में स्टीमर पर गोवंश लादकर सरयू नदी मार्ग से भागलपुर, लार थाना क्षेत्र के रास्ते बिहार प्रांत के सिवान जिले के दरौली पशुओं का खेप आसानी से पहुंचा देते हैं। मेहरौना चेक पोस्ट, मईल और बरहज पुलिस से अच्छी तालमेल होने के कारण इन पशु तस्करों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पाती है। स्टीमर को चलाने के लिए शाम को ही दीयारा में डीजल से भरा गैलेन पहुंचा दिया जाता है। कई बार पुलिस ने शिकंजा कसने की कोशिश की, मगर तगड़ी सेटिंग के कारण कार्रवाई की जद में नहीं आए।
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पशु तस्करों ने चुना नया रूट
लार थाना क्षेत्र में मेहरौना बाॅर्डर के अलावा लार से भाटपाररानी जाने वाली चनुकी मार्ग से सोहगरा होते हुए पशु तस्कर आसनी से पशुओं की खेप पहुंचा दे रहे हैं। लार के अलावा भाटपाररानी थाना का भी क्षेत्र पड़ता है। रावतपार अमेठिया के रास्ते भी पशुओं से भरा पिकअप सोहगरा के रास्ते पशु तस्कर लेकर जाते हैं। नदी के किनारे एक पेट्रोल पंप से सरगना बैठकर माॅनिटरिंग करता रहता है। हल्का दरोगा और सिपाही शिकंजा नहीं कस पाते हैं। यहां पर पुलिस चौकी खोलने की मांग कई बार उठ चुकी है।
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कोट
जिले की जो भी सीमा बिहार से जुड़ती है, वहां के थानाध्यक्षों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ के नेतृत्व में रात को अभियान चलाया गया। किसी भी कीमत पर पशुओं की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। पशु तस्करी के धंधे में शामिल लोगों को चिह्नित कराया जा रहा है।
-विक्रांत वीर, एसपी
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