बरहज के कपरवार स्थित आरआरसी सेंटर के बाहर घरेलू सामान के साथ बैठे दंपत्ति से जानकारी लेते प्र
बरहज/कपरवार। स्थानीय रूद्रपुर मार्ग स्थित आरआरसी सेंटर के बाहर सड़क पर गांव के ही सौदागर सिंह (77) बृहस्पतिवार दोपहर में अपनी पत्नी आशा देवी के साथ बैठकर रो रहे थे। उनका कहना था कि घर न होने के कारण वह डेढ़ सालों से खाली पड़े आरआरसी सेंटर में रह रहे थे, लेकिन ब्लॉक के अधिकारियाें ने उन्हें वहां से निकाल दिया।
जानकारी होने पर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने प्रधान प्रतिनिधि प्रहलाद गुप्त से वृद्ध दंपती और दिमागी रूप से अस्वस्थ उनके बेटे को आरसीसी सेंटर में शिफ्ट कराते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है।
नौका टोला निवासी सौदागर सिंह अपनी पत्नी के साथ करीब डेढ़ साल से आरआरसी सेंटर में रह रहे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार की शाम डीपीआरओ रतन कुमार के निर्देश पर ब्लॉक अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सौदागर सिंह और उनकी पत्नी आशा देवी को सामान सहित बाहर निकालते हुए आरआरसी सेंटर खाली करा दिया। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान को निर्देशित करते हुए दंपती को उचित स्थान पर शिफ्ट कराने और समुचित प्रबंध कराने का निर्देश दिया गया है। साहब! मुख्यमंत्री से लगा चुके हैं गुहार, नहीं मिली छत : बरहज। कपरवार के नौका टोला निवासी सौदागर सिंह परिवार के साथ बड़हलगंज के कोटिया निरंजन स्थित बगहा दियारा में रहते थे। लोगों के अनुसार 1969 में सरयू में हुए बेतहाशा कटान के कारण गांव नदी में विलीन हो गया। सौदागर सिंह का कहना है कि सबकुछ नदी में विलीन हो जाने के कारण गांव में जाने वाले मुख्य सड़क पर छप्पर डालकर अन्य लोगों के साथ रहने लगे थे, लेकिन नदी ने पीछा नहीं छोड़ा और 2024 में सड़क भी कट गई।