देसही देवरिया। बरवा मीरछापर गांव स्थित अमृत सरोवर की सुंदरता देखते ही बन रही है। यहां की आकर्षक बनावट और विकास कार्य लोगों को बरबस ही अपनी ओर खींच रहे हैं। देर शाम तक यहां पर्यटकों आना-जाना लगा रहता है। अमृत सरोवर में चार अलग-अलग भव्य मंदिर हैं। दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। शाम होते ही पूरा परिक्षेत्र रंग-बिरंगी रोशनी से प्रकाशित हो उठता है।
देसही देवरिया विकास खंड क्षेत्र के बरवा मीरछापर गांव स्थित अमृत सरोवर इस समय पूरे मंडल में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गांव के लोगों के सहयोग से सरोवर के एक तरफ भव्य शिव मंदिर है। पूरब तरफ काली मंदिर और छठ माता मंदिर है तो वहीं सरोवर के बीचो-बीच एक लक्ष्मी नारायण का मंदिर है। मंदिर तक जाने के लिए ओवरब्रिज बना हुआ है। इस जगह को अब परमेश्वरधाम के नाम से क्षेत्र में जाना जाने लगा है। विकास खंड की तरफ से इस सरोवर को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया। इसके लिए 39 लाख रूपये मिले। इससे सरोवर के चारों तरफ पक्के घाट बनाए गए। चहारदीवारी की गई। चारों तरफ स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। सरोवर पर पहुंचने के लिए तीन अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। फूल-पत्तियों से पूरा परिसर सुसज्जित है। शाम होते ही पूरा सरोवर रंग बिरंगे प्रकाश से प्रकाशित हो जाता है।
गांव के लोगों के सहयोग से यहां मंदिर बना और सरकार के सहयोग से सरोवर का उत्कृष्ट विकास हुआ तो यह क्षेत्र के लोगों के लिए पर्यटन का केंद्र बन गया। दूर-दूराज से लोग यहां आकर रात दस बजे तक लुत्फ उठा रहे हैं। सरोवर में मछलियां हैं, जिन्हें दाना डालकर पर्यटक फूले नहीं समा रहे।
पिछले महीने गोरखपुर मनरेगा से उच्च अधिकारियों की टीम निरीक्षण करने पहुंची थी। अच्छे विकास के लिए स्थानीय बीडीओ अरुण कुमार पांडेय, एपीओ आलोक कुमार श्रीवास्तव और प्रधान वंदना श्रीवास्तव को सम्मानित किया। वहीं जिले के सीडीओ प्रत्यूष कुमार पांडेय ने अपने निरीक्षण में गुणवत्ता परक कार्य को देख प्रभावित होकर यहां एक पार्क बनाए जाने की बात कही। पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के सहयोग से मुख्य मार्ग से यहां तक पहुंचने के लिए सीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। प्रधान प्रतिनिधि डॉ. विष्णु कुशवाहा ने कहा कि सरोवर की खूबसूरती और मंदिर आस्था के केंद्र हैं। यहां क्षेत्र के तमाम गांवों के लोगों का रोजाना आना-जाना हो रहा है। देर रात तक यहां भीड़ लगी रही है। यहां पर्यटकों के लिए अपनी तरफ से बहुत जल्द नाव की व्यवस्था कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी इसके और विकास के लिए मांग की जा रही है।