देसही देवरिया। बरवा मीरछापर गांव स्थित अमृत सरोवर की बनावट और प्राकृतिक सुंदरता लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विशाल सरोवर के चारों तरफ पक्की सीढ़ियां, चारों तरफ लगी रंग-बिरंगी लाइटें लोगों को खूब भा रही हैं।
सरोवर के दो तरफ भव्य मंदिर और जलाशय के बीचों बीच बने तीसरे मंदिर, यहां तक पहुंचने के लिए ओवरब्रिज क्षेत्रीय पर्यटकों को सहसा अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पूरे दिन लोगों की भीड़ लग रही है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसे और विकसित कराने का भरोसा दिलाया है।
क्षेत्र के बरवा मीरछापर गांव के पश्चिम तरफ एक विशाल सरोवर है। अप्रैल, 2022 में सरकार ने बड़े जलाशयों के विकास और पुनरुद्धार के लिए अमृत सरोवर योजना लाई। इसके तहत इस जलाशय को अमृत सरोवर के रूप में चयन किया गया।
सरोवर के चारों तरफ बनी पक्की सीढ़ियां, जाली युक्त चहारदीवारी, स्ट्रीट लाइट, दो मुख्य बड़े द्वार, इंटरलॉकिंग, एक तरफ प्राचीन शिव मंदिर, पूरब तरफ दुर्गा मंदिर और सरोवर के बीचो बीच बना भगवान महादेव का मंदिर और मंदिर तक पहुंचने के लिए बना बड़ा ओवरब्रिज, रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू सहित प्राकृतिक सुंदरता गांव के अलावा क्षेत्रीय पर्यटकों को भी अपनी तरफ खूब आकर्षित कर रही है।
जलाशय में मछलियों को भूजा खिलाकर उनके साथ ठिठोली कर बच्चे, आनंद लेते नहीं थक रहे। शाम होते ही पूरा परिसर रंगीन प्रकाश की रोशनी से सराबोर हो जा रहा है। देर शाम तक लोगों की भीड़ लग रही है।
सांसद शशांक मणि त्रिपाठी सरोवर का निरीक्षण चुके हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि डॉ. विष्णु कुशवाहा ने सरोवर के लिए नाव दिलाने और पार्क बनाए जाने की मांग की। सांसद ने इन मांगों को गंभीरता से लिया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी सरोवर को और विकसित करने के लिए गंभीर हैं।