स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र जमा करने के आखिरी दिन गहमागहमी रही। जेल में बंद बसपा प्रत्याशी अजीत शाही के तरफ से प्रस्थापक ने पर्चा डीएम के पास जमा किया।
जबकि भाजपा के सुनील सिंह ने पार्टी के नेताओं के साथ पहुंचकर पर्चा भरा। अंतिम दिन चार नामांकन पत्र दाखिल हुए।
सोमवार को नामांकन पत्रों के दाखिले का अंतिम दिन था। दिन में एक बजे से दावेदारों का जत्था कलेक्ट्रेट परिसर में उमड़ पड़ा।
सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी सुनील सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उनके हुजूम को पुलिस बल ने रोकने की कोशिश की।
कार्यकर्ताओं के जिद के चलते पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम कलेक्ट्रेट में पहुंचा। जिला मजिस्ट्रेट कार्य कक्ष के सामने पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
भाजपा प्रत्याशी सुनील सिंह के अलावा अन्य प्रत्याशियों को चुनिंदा लोगों को ही साथ ले जाने की अनुमति मिली।
भाजपा प्रत्याशी के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, विधायक जनमेजय सिंह, पूर्व सांसद देवी प्रसाद सिंह, अनिरुद्ध मिश्र, पूर्व एमएलसी श्रीनाथ एडवोकेट, पूर्व विधायक जयप्रकाश निषाद, सुरेश तिवारी और रवींद्र मल्ल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शैलेश त्रिपाठी, कमलेश शुक्ल, विश्वंभर मिश्र, डॉ. अजय मणि त्रिपाठी, मनीष सिंह एडवोकेट, मोहन लाल गुप्त, निशीरंजन तिवारी, अजय उपाध्याय, सत्येंद्र मणि, राजेश कुशवाहा, गोविंद चौरसिया, अभिषेक राय अंकुर, विजय पटेल, गुड्डू पहलवान, जितेंद्र आदि शामिल रहे।