बरहज। बरांव के खेल मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने 456 करोड़ 38 लाख की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के दौरान बरहज को एक बार फिर से व्यापारिक केंद्र बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को भी आने वाले समय में सरयू जी के जरिये जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। तब बरहज भी पहले की तरह बड़ा व्यापारिक केंद्र बन जाएगा।
संबोधन के शुरुआत में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा राघवदास की कर्मस्थली के साथ-साथ शिव मंदिर महेंद्रानाथ और दुग्धेश्वरनाथ की चर्चा करते हुए कहा कि देवरिया में विकास की रफ्तार और तेज होगी। देवरिया से बरहज को फोरलेन से जोड़ा जा रहा है, रामजानकी मार्ग से भी जोड़ा जा रहा है।
कुछ वर्षों में यह कस्बा जल मार्ग से भी जुड़ जाएगा। पुल, सड़क के साथ ही युवाओं का पलायन रोकने के लिए बरहज को दोबारा व्यापारिक हब बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरहज को अयोध्या से जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। इससे पर्यटन के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यहां से जल और सड़क मार्ग से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। संवाद
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फिर बाढ़ नहीं खुशहाली का जरिया बन जाएगी सरयू
प्राचीन भारत में जब पानी की जहाज से व्यापार और आवागमन होता था, उस वक्त बरहज कस्बा ही देवरिया में सबसे संपन्न था। वजह यही था कि सरयू नदी के रास्ते व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती थीं, इसलिए इस क्षेत्र के व्यापारी बरहज से ही अपना कारोबार संचालित करते थे। ब्रिटिश हुकूमत में भी बरहज से माल ढुलाई के लिए सलेमपुर तक रेल लाइन बिछाई गई थी। कालांतर में जलमार्ग की उपयोगिता खत्म होने के बाद सरयू नदी की चर्चा अब सिर्फ बाढ़ और कटान के चलते ही होता है। यदि इस नदी को फिर से जलमार्ग बनाया जाता है तो न सिर्प रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि नदी भी खुशहाली लेकर आएगी।