काफी मान- मनौव्वल के बाद धरना समाप्त हो गया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। अधिशासी अधिकारी के समझौता के प्रस्ताव को सभासदों ने दोपहर में ठुकरा दिया। सभासदों ने 23 मई से आमरण अनशन की चेतावनी दी थी। मामला बिगड़ता देख ईओ ने शाम को दोबारा पहल की। सभासदों से तीन महीने की मोहलत मांगी। काफी मान- मनौव्वल के बाद धरना समाप्त हो गया।
इसके अलावा कुछ सूचनाएं भी मौके पर उपलब्ध कराएं। नगर पालिका परिषद के सभासदों का एक गुट 11 मई से महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप धरना दे रहा थे। उनकी मांग है कि निर्माण कार्यों का वार्डवार ब्योरा मुहैया कराया जाए। हालांकि जिम्मेदार ब्योरा देने से इन्कार करते रहे हैं। इसके बाद सभासदों ने 23 मई से आमरण अनशन की चेतावनी दी। मामले को बिगड़ता देख ईओ मणिभूषण तिवारी ने पहल की।
सोमवार को दोपहर 2.45 बजे धरना स्थल पर पहुुंचें। समझौते के प्वाइंट से अवगत कराया। पत्र के मजमून पर राकेश शुक्ल, दीनानाथ चौधरी, विनीता सिंह, आशुतोष तिवारी ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद शाम छह बजे ईओ मणिभूषण तिवारी दोबारा धरनास्थल पर पहुुंचें। समझौता के प्रस्ताव में संशोधन से अवगत कराया।
पांच साल के विकास कार्यों का ब्योरा उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। सभासदों ने राय मशविरा कर तीन महीना की मोहलत दी। इस दौरान राजेश सिंह कुशवाहा, कुंती देवी, गौहर अली सिद्दीकी आदि रहे।
सभासदों ने चेतावनी दी है कि अगस्त में वार्डवार ब्योरा नहीं मिला तो दोबारा धरना शुरू किया जाएगा। उधर, जिला योजना समिति की सदस्य और सभासद प्रमिला देवी ने धरना को गलत ठहराया कहा कि इसमें मेरा कोई सरोकार नहीं है।