देवरिया। करीब दो माह बाद कपरवार के उग्रसेन सेतु पर बुधवार को छोटे चार पहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू होने में दो दिन का वक्त लग सकता है। पुल से आवागमन शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
राप्ती तट स्थित उग्रसेन सेतु से होकर रामजानकी मार्ग के रास्ते बिहार, बलिया, आजमगढ़, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ आदि जनपदों के लिए लोगों की आवाजाही होती है। 16 जुलाई को उग्रसेन सेतु पर बड़ा गड्ढा बन जाने के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे आवागमन बाधित हो गया था।
लखनऊ की टेक्निकल टीम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर आरसीसी की ढलाई, वेयरिंग रिपेयरिंग और ज्वाइंटर बदलने का काम किया। पिचिंग न होने से आवागमन बाधित था। एनएच 227-ए की ओर से मंगलवार की देर शाम तक पिचिंग कार्य पूर्ण करा लिया गया।
इसके बाद बुधवार की सुबह से छोटे चार पहिया वाहनों के आवाजाही से रोक हटा दी गई।