देवरिया। बिहार बॉर्डर और नदी के दियारा क्षेत्र में पुलिस की लगातार सख्ती के बाद शराब तस्करों ने अपना तरीका बदल लिया है। होली के त्योहार को देखते हुए सड़क और नाव के रास्ते की बजाय ट्रेन को माध्यम बनाकर शराब की खेप बिहार भेजी जा रही है। शाम ढलते ही रेलवे स्टेशनों पर पिट्ठू बैग लेकर पहुंच रहे युवक और महिलाएं पुलिस के लिए नई चुनौती बन गए हैं।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई के चलते बॉर्डर क्षेत्र में तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगा है। इसके बाद तस्करों ने छोटे-छोटे समूह बनाकर रेलवे मार्ग से शराब भेजने की रणनीति अपनाई है। सूत्रों के मुताबिक होली नजदीक आते ही बिहार में शराब की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर नए युवा और महिलाएं इस अवैध कारोबार में उतर आए हैं। युवा तस्कर बैग में शराब की बोतलें रखकर सामान्य यात्रियों की तरह ट्रेन में सवार हो जाते हैं और बिहार की सीमा में उतर जाते हैं। तस्करी के इस नए नेटवर्क में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। महिलाएं बैग में शराब रखकर यात्रा कर रही हैं। हालांकि रेलवे और जिले की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में कई तस्करों को रेलवे स्टेशन के अगल-बगल या ट्रेन से गिरफ्तार भी किया है, लेकिन होली के त्योहार को देखते हुए धंधा फिर से तेजी पकड़ रहा है। जीआरपी थानाध्यक्ष भटनी बीबी राजभर ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है और संदिग्ध यात्रियों की निगरानी की जा रही है।
इन स्टेशनों से हो रही आवाजाही
नूनखार, भटनी, नोनापार, भाटपार रानी और बनकटा रेलवे स्टेशन के जरिए शराब की तस्करी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इन स्टेशनों से होकर गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों में तस्कर अधिक सक्रिय हैं।
बार्डर क्षेत्र पर सक्रियता बढ़ाई गई है। अगर ट्रेनों के जरिए शराब तस्करी हो रही है तो इस पर लगाम लगाई जाएगी।
सुनील कुमार सिंह, एएसपी दक्षिणी