24 फरवरी को अंगेश ने एक ट्रक ड्राइवर को अपनी आपबीती सुनाई। ट्रक ड्राइवर उसे आजमगढ़ लाया। अंगेश ने ट्रक चालक को भागलपुर, बेल्थरा रोड पता बताया तो उसने दूसरे ट्रक से बेल्थरा रोड भेज दिया।
बेल्थरा रोड में उसने गांव के कुछ लोगों का नाम बताया। उसी में किसी परिचित ने जिरासो गांव के प्रधान को फोटो व्हाट्सएप कर दिया। गांव में चर्चा होने लगी। इसी बीच भूलकर अंगेश बलिया जिले के थाना मनियर चला गया।
प्रधान के साथ परिजन बेल्थरा रोड गए और पता लगाते मनियर थाने पहुंचे। वहां अंगेश यादव ने माता कमलावती देवी और चाची संभलावती देवी को पहचान लिया। शिक्षक, शिक्षिकाओं और पास-पड़ोस के लोगों का नाम बताने लगा। अंगेश को मरा समझकर जिस कपड़े में बहाया गया था।
वह कपड़ा लाल टीशर्ट व काली पैंट भी अपने साथ लाया है। मनियर थाने की पुलिस ने प्रधान की मौजूदगी में सुपुर्दगी लिखवाकर घर भेज दिया। गांव के प्रधान के पति सत्येंद्र यादव ने बताया कि लड़के ने पास-पड़ोस, मित्र, दोस्तों, माता, चाची को पहचान लिया है। सभी लोग संतुष्ट हैं।