फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: मिठाई में मिलावट...सस्ते के चक्कर में सेहत के साथ खिलवाड़

Mon, 02 Feb 2026 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। त्योहारों में मिलावटी मिठाई खपाने के बाद धंधेबाज अब सहालग में भी कुछ इसी तरह की तैयारी में लगे हुए हैं। मिठाई बाजार में मिलावट का सबसे ज्यादा खतरा छेना, खोआ और लड्डू में बताया जा रहा है।
विज्ञापन

शादी-विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों में इन मिठाइयों की भारी खपत को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। आजमगढ़ और बलिया की तरफ से मिलावटी सामग्री आ रही है। वहीं बिहार से आने वाले कारीगर इन मिलावटी सामग्री से सस्ती मिठाई बना रहे हैं।
जिले में मिठाई की करीब 700 दुकानें हैं। शादियों में अब घर में मिठाई बनवाने के बजाय बाजार से ही मिठाई खरीदने का चलन बढ़ने लगा है। दुकानदार इसके लिए महीने भर पहले ऑर्डर लेते हैं। ऑर्डर पर मिठाई सप्लाई के इस काम में भी धंधेबाज जुड़ गए हैं। बिहार और झारखंड से आने वाले कारीगर ग्रामीण इलाके के चौराहों पर किराए पर कमरा लेकर मिठाई बनाते हैं और उसे डिब्बे में भरकर दुकानों पर पहुंचा देते हैं। इसी मिठाई को दुकानदार पहले से लिए गए ऑर्डर पर सप्लाई कर दे रहे हैं।
विज्ञापन

मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मिलावटखोर शुद्ध दूध की जगह रिफाइंड, सिंथेटिक दूध, स्टार्च और केमिकल का इस्तेमाल कर खोआ और छेना तैयार कर रहे हैं। इन्हीं से लड्डू, पेड़ा, रसगुल्ला, बर्फी और अन्य मिठाइयां बनाई जा रही हैं।
अभी भी शुद्धता के लिए जानी जाती है भटनी की बर्फी : नगर के केवड़ा चौराहे पर बनने वाली शुद्ध खोआ की बर्फी अपनी खास पहचान बना चुकी है। यहां तैयार होने वाली बर्फी की मांग इतनी अधिक है कि रोजाना पांच से छह क्विंटल दूध की खपत हो जाती है। सहालग के वक्त इसकी मांग और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें