लाल फीता बांधकर अधिवक्ताओं ने जताया विरोध
प्रदर्शन कर न्यायिक कार्य से विरत रहे, प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/रुद्रपुर/बरहज। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अधिवक्ताओं ने सोमवार को लाल फीता बांधकर विरोध जताया। न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें अधिवक्ताओं पर आएदिन हमले, उत्पीड़न एवं उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाए आने पर नाराजगी जताई। इस मौके पर सतीशचंद्र पति त्रिपाठी, ओमप्रकाश यादव, सचिव ज्ञानेश्वार मिश्र आदि मौजूद रहे। उधर, दूसरे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाशपति तिवारी ने कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं की हत्या, मारपीट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। सदर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युगुल किशोर तिवारी ने कहा कि अधिवक्ताओं के प्रति प्रदेश सरकार का रवैया ठीक नहीं है। इस दौरान कमल मणि त्रिपाठी, रामछबिला यादव, विजयसेन यादव, विजयशंकर मिश्र, अजय कुमार, राजीव त्रिपाठी, अभय कुमार, आशुतोष मणि, सच्चिदानंद, अशोक कुमार, विनोद मणि, संतोष पाठक, शशिप्रकाश, नीलकंठ तिवारी, राकेश शाही, उदयप्रताप सिंह, काजी जमाल आदि मौजूद रहे।
उधर, रुद्रपुर कार्यालय के अनुसार तहसील के अधिवक्ताओं ने यूपी सरकार पर वादा करने के बाद भी वकीलों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष विश्व विजय मल्ल, सत्यानंद पांडेय, ब्रज किशोर सिंह, धीरज सिंह, परशुराम मिश्र, अशफाक अहमद, प्रवीण पांडेय आदि मौजूद रहे।
इसी क्रम में बरहज कार्यालय के अनुसार सोमवार को अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नागेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में वकीलों ने कार्य से विरत रहने का फैसला किया। एसडीएम पत्रक दिया। इस दौरान लक्ष्मी प्रसाद, श्रवण सिंह, चंद्रगुप्त यादव, रमायन तिवारी, रामलाल, उदयराज चौरसिया, खुर्शेद आलम, चंद्रभान चौरसिया, शिवदयाल सिंह, राममनोहर चौहान, तारकेश्वर तिवारी, अनंत त्रिपाठी, अवनींद्र मिश्र, राकेश सिंह, आलोक पांडेय, विजय बहादुर शर्मा, सत्यप्रकाश मालवीय, राकेश प्रताप रंजन, संतोष सिंह, त्रिपुरेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।
न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया
भाटपाररानी। तहसील के अधिवक्ता सोमवार को उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के आह्वान पर अध्यक्ष देवता शरण तिवारी की अध्यक्षता में बैठक किया। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान उपेंद्र मणि, चंद्रभान प्रसाद ,चंद्रशेखर सिंह, राजू सिंह, लाल साहब यादव, रामाधार यादव, ओम प्रकाश उपाध्याय, नागेश दुबे, प्रदीप गुप्ता, सुशील ओझा, राणा प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।