खुखुंदू। सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर मनबढ़ों ने अपना गैंग बना लिया है। एक सूचना पर चंद मिनट में ही गैंग के गुर्गे एकत्रित हो जा रहे हैं। पिछले दिनों खुखुंदू में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में जो नकाबपोश जुटे थे वे भी ऐसे ही गैंग के गुर्गे थे।
चर्चा है कि खुखूंदू इलाके में इस वक्त रफ्तार गैंग और 307 गैंग सक्रिय है। इलाके में जब भी कोई बड़ी वारदात होती है तो उसमें रफ्तार और 307 गैंग की संलिप्तता जरूर सामने आती है। सबसे पहले क्षेत्र के बरवां उपाध्याय गांव में करीब नौ माह पहले तेज रफ्तार बाइक चलाने को लेकर हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में राइफल नाम से बने आईडी में 307 और रफ्तार गैंग की सक्रियता सामने आई थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी से इस पर सख्त कार्रवाई की पहल भी की थी। उधर, भरथुआ में भी हाल के महीने में स्कूल से घर जाते समय धोबी के पूर्व प्रधान के बेटे पर भी रफ्तार गैंग ने हमला किया था।
मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर, खुखुंदू गांव में मंगलवार को दो पक्षों में हुई मारपीट में भी गैंग के शामिल होने की बात सामने आई है। वैसे इस मामले में पुलिस अभी जांच की बात कह रही है। इसके अलावा भरथुआ चौराहे पर धोबी गांव के पूर्व प्रधान बीरबल यादव के बेटे अवनीश यादव पर भी रफ्तार गैंग ने हमला कर उसे जख्मी किया था। ,