अस्पताल का वीडियो वायरल करने पर केस दर्ज
कथित पोर्टल संचालकों की पुलिस बना रही कुंडली!
खुफिया एजेंसियां पोर्टल संचालकों का जुटा रही ब्यौरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला अस्पताल में फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने की घटना के बाद डीएम अमित किशोर के निर्देश पर पुलिस सक्रिय हुई है। अपने को पोर्टल एवं कुछ इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़ा होना बता वीडियो बनाकर वसूली में लिप्त कुछ लोगों की कुंडली गोपनीय तौर पर पुलिस तैयार करने में जुट गई है। एक मामले में कोतवाली पुलिस केस दर्ज कर वीडियो वायरल करने वाले की तलाश कर रही है।
बताया जा रहा है कि लोकल खुफिया एजेंसियां ऐसे लोगों के बारे में ब्यौरा जुटाना शुरू कर दी है। ऐसे में धौंस देकर वसूली करने वालों की न केवल कलई खुलेगी बल्कि ऐसे लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी संभावित है। जिले में इलेक्ट्रानिक चैनल एवं पोर्टल के नाम पर कुछ गलत लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। इससे मीडिया की किरकिरी हो रही है। जिले में कई ऐसे पोर्टल हैं जो वास्तव में अच्छी खबरें लोगों को परोस रहे हैं। यही नहीं, भ्रष्टाचार की पोल भी वह खोल रहे हैं। लेकिन कुछ गलत लोगों की वजह से बदनामी हो रही है। ऐसे लोगों को खबरों से मतलब नहीं है बल्कि खबर के नाम पर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। कई संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों के अनुसार ऐसे लोग गांव में जाकर कोटेदार, ग्राम प्रधान से वसूली करने के साथ ही सरकारी कार्यालय में धौंस देते हैं। पहले भी ऐसे लोगों की बनकटा, कंचनपुर सहित कई स्थानों पर पिटाई हो चुकी है।
हाल ही में जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में एक मासूम से सफाई खुद कराकर एक पत्रकार पर वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के सुपरवाइजर शत्रुघ्न यादव की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने एक के खिलाफ भय दिखाकर जबरन वसूली, धमकी देने और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है। आरोप है कि 25 जुलाई को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक महिला का बच्चा गैलरी में पेशाब कर दिया। यहां प्रतिदिन घूमने वाले अमिताभ रावत ने उससे पोछा लगवाते हुए वीडियो बनाया। मेरे मना करने पर उसने धमकी दी। आरोप है कि पांच हजार रुपये मांगा गया। यह तो सिर्फ वानगी भर है। जिले में वसूली करने वालों ने गिरोह बना लिया है। ऐसे लोगों के बारे में एलआईयू की टीम ब्यौरा जुटा रही है। कुछ ऐसे स्थान के बारे में पता लगा है जहां बुलाकर लोगों से पैसे वसूले जाते हैं। फिर पैसे का बंटवारा होता है। एसपी को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं जिसकी गोपनीय जांच अभी चल रही है।
कई गंभीर शिकायतें मिली हैं। गिरोह बनाकर कुछ लोग फर्जी वीडियो तैयार कर अधिकारियों को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। सफल नहीं होने पर वीडियो वायरल कर रहे हैं। जिला अस्पताल का वीडियो बनाकर पैसे मांगे जाने के एक मामले में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। ऐसे लोगों के बारे में ब्यौरा एकत्र कराया जा रहा है। इनकी सूची तैयार कर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. श्रीपति मिश्र, एसपी