जिन बाबा के मजार को हरे रंग से रंगने का विरोध
पुलिस ने रंग रोगन का काम रोका
बरडीहा अली में बना है जिन बाबा का मजार
पकड़ी बाजार (देवरिया)। बरडीहा अली के जिन बाबा के मजार के रंगरोगन को लेकर बुधवार को दो समुदाय के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। दरअसल मजार को हरे रंग से रंगरोगन करने पर ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर काम को रोकवा दिया है। गांव की बैठक में इस पर कोई फैसला लिया जाएगा।
बरडीहा अली गांव में वर्षों पहले हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर जिन बाबा की मजार बनाई थी। दोनों समुदाय के लोगों की जिन बाबा में आस्था है। मजार के रंगरोगन में हरे रंग के प्रयोग पर एक समुदाय के युवक भड़क गए। वह मजार को भगवा रंग में रंगवाने पर अड़ गए, वहीं दूसरा समुदाय बाबा में अपनी विशेष आस्था बताते हुए उसे हरे रंग से रंगने पर अड़ गया। मौहाल खराब होता देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रंग रोगन का काम रोक दिया। अब रंग को लेकर पूरे गांव की दो दिन में बैठक होगी। बैठक में रंग के चयन पर फैसला लिया जाएगा। गांव में बना जिन बाबा का मजार हिंदू-मुसलमान दोनों समुदायों के आस्था का केंद्र है। इस मजार को सफेद रंग में रंगा गया है। मजार का ढांचा भी दोनों समुदायों की आस्था को देखते हुए बनाया गया है। वह मंदिर और मस्जिद की बीच की इमारत लगती है। यहां दोनों समुदाय के लोग मन्नत मांगने आते हैं। मिन्नतें पूरी होने पर हिंदू कढ़ाई तो मुसलमान मलीदा चढ़ाते हैं। बुधवार को गांव के एक समुदाय के युवकों ने मिलकर मजार का रंग रोगन का काम शुरू किया। इस बाबत मदनपुर थाने के एसआई महेंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि मजार के रंग रोगन का कार्य रोक दिया गया है। दो दिन में ग्राम प्रधान की ओर से गांव की बैठक बुलाकर फैसला लिया जाएगा। गांव में अमन और शांति है।