नोएडा से आ रहे भटनी के युवक की सड़क हादसे में मौत
संतकबीरनगर के पास हुई घटना, कार से पिता संग घर लौट रहे थे कंप्यूटर इंजीनियर
तीन की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
घांटी बाजार। भटनी के घांटी गांव निवासी एक युवक की खलीलाबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि उसके पिता समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। युवक अपने पिता व चचेरे भाई के साथ नोएडा से कार में सवार होकर घर लौट रहा था। इसकी जानकारी मिलते घर में कोहराम मच गया।
भटनी थाना क्षेत्र के घांटी गांव निवासी बृजेश कुशवाहा (32) कम्प्यूटर इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली स्थित एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते थे। वह अपने पिता व भाई के साथ नोएडा में रहते थे। मंगलवार को वह अपने पिता सियाराम कुशवाहा (56), चचेरे भाई विशाल (25) और गांव के कृष्ण मोहन यादव (30) के साथ कार रिजर्व कर घर के लिए निकले। देर रात फैजाबाद से उन्होंने अपनी मां के पास फोन कर सुबह तक घर पहुंच जाने की सूचना दी। बुधवार की भोर में संतकबीरनगर कोतवाली के भुजौली चौराहे के पास उनकी गाड़ी की बस से टक्कर हो गई, जिसमें बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाकी तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया।
पांच साल से बेटे के घर आने की राह देख रही थी मां
खुद न बना सके मेडिकल में कॅरियर तो भाइयों को नोएडा में करा रहे थे तैयारी
अनिल कुमार दूबे
घांटी बाजार। भटनी के घांटी गांव निवासी बृजेश कुशवाहा करीब पांच साल पूर्व दिल्ली में मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने गए। काफी प्रयास के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वहीं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करने लगे। कुछ दिनों बाद आर्मी से सेवानिवृत्त होकर आए उनके पिता भी वहीं पहुंच गए और बेटे के साथ नौकरी करने लगे।
बृजेश का सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था। अपने परिचितों एवं मित्रों में भी वह इसी क्षेत्र में ही कॅरियर बनाने की बात करते थे। हालांकि, जब मेडिकल की परीक्षा में कामयाबी हाथ न लगी तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर एक आईटी कंपनी में जॉब करने लगे। तबसे वह वहीं के होकर रह गए थे। इसी दौरान अपने छोटे भाई राजू व चचेरे भाई विशाल को दिल्ली बुलाकर पढ़ाने लगे, ताकि उनका सपना साकार हो सके। व्यस्तता के कारण वह करीब पांच सालों से गांव नहीं आए थे, और माता-पिता उनकी शादी की चिंता करने लगे थे। देश में अचानक कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के चलते उनकी कंपनी व कोचिंग सेंटर बंद हो गया। मां के कहने पर वह अपने पिता व चचेरे भाई के साथ घर के लिए निकले। फैजाबाद पहुंचने के बाद उन्होंनेे अपनी मां से फोन पर बात कर जल्द ही घर पहुंचने की बात कही थी। लेकिन शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था। बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना आते ही गांव पर मां जानकी देवी, नोएडा में फंसे भाई राजू का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पिता, चचेरा भाई व गांव के रहने वाले उनके मित्र का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक यहां पर तीनों की हालत नाजुक बनी हुई है।