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मास्क न लगाने और बाइक पर दो सवारी में 718 का चालान

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लॉक डाउन बढने के बाद एसपी श्रीपति मिश्र ने चेकिंग किया। - फोटो : DEORIA
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मास्क न लगाने और बाइक पर दो सवारी में 718 का चालान
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पुलिस ने अभियान चलाकर की कार्रवाई, पटरियों पर दुकानें लगाने से पुलिस रही परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लॉकडाउन के दौरान दुकानों के खुलने की छूट मिलते ही मुंबई से आए श्रमिकों ने फुटपाथ पर दुकानें सजाना शुरू कर दिया। शहर में अचानक ठेले एवं पटरी पर सब्जी, फल बेचने वालों की संख्या बढ़ते देखकर प्रशासन परेशान हो गया। उधर, कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। इसमें अधिकतर मुंबई से आए लोग ही शामिल हैं। इसकी भनक मिलते ही प्रशासन ने बुधवार से दुकानों को बंद तो करा दिया लेकिन मुंबई से आए लोग अब भी मोहल्लों में ठेले पर सब्जियां बेच रहे हैं। बुधवार को पुलिस ने अभियान चलाकर मास्क नहीं पहनने वालों एवं बाइक पर दो सवारी चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया। एसपी के मुताबिक बुधवार को 718 लोगों का चालान कर 5,10,500 रुपये जुर्माना वसूला गया। इनमें बिना मास्क वालों की संख्या 286 है जबकि बाइक पर दो सवारी वाले 432 मामले हैं।
कोरोना संक्रमण के बढ़ने की वजह से डीएम अमित किशोर ने लॉकडाउन में पहले जैसी सख्ती बरतने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने मुंबई से आकर ठेला, पटरी पर फल, सब्जी बेचने वालों को देखते हुए दुकानें बंद करने के निर्देश तो दिए हैं। लेकिन छिटपुट मोहल्लों में दुकानें खुली रहीं। रेलवे स्टेशन का इलाका लोगों की भीड़ से पटा रहा। सामाजिक दूरी तो मखौल बनकर रह गई है। जिन अफसरों पर लॉकडाउन पालन कराने की जिम्मेदारी हैं वे भी यह मान रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान अपने भले-बुरे की जिम्मेदारी पब्लिक को खुद उठानी पड़ेगी। पुलिस और प्रशासन की एक सीमा है और उसे पब्लिक पर शिकंजा कसने की उससे ज्यादा इजाजत नहीं दी जा सकती। डीएम अमित किशोर का कहना है कि अगर लोग जागरूक होकर खतरों को नहीं समझेंगे तो लॉकडाउन में कोरोना पर काबू नहीं पाया जा सकता है। कुछ जगह पालन किया जा रहा है कुछ जगह लापरवाही है। उन्होंने बताया कि 24 मरीजों में तीन की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। अभी किसी की मौत नहीं हुई हैं। डीएम ने कहा है कि जान जोखिम में डालकर घरों से निकलना, दूसरों से संपर्क करना, हर चीज को छूना जैसी बातों पर जनता को खुद सोचना होगा।
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उधर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा कि मुंबई से आकर सब्जी, फल का ठेला लगाने का इनपुट मिलने के बाद सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि हम डंडा मारकर कानून लागू नहीं कर सकते। पुलिस पूरी मेहनत एवं तत्परता से काम कर रही है। मौजूदा माहौल में लोगों को खुद चाहिए कि घर में खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी नहीं निकलने दें। पुलिस की संख्या एवं संसाधन सीमित हैं वह हर वक्त उपलब्ध हो, यह संभव नहीं हैं। एसपी ने कहा कि बाइक पर दो लोगों के चलने पर 250 रुपये और मास्क नहीं लगाने पर 100 रुपये का जुर्माना शहर एवं ग्रामीण अंचल में चेकिंग अभियान चलाकर किया गया।
इनसेट
264 सैंपल हैं पेंडिंग में, लोगों को सता रहा डर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिले में कोरोना पॉजिटिव 24 लोगों के पाए जाने के बाद लोगों को कोरोना का भय सताने लगा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को भेजे गए सैंपल में 264 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। बुधवार 235 बुखार डेस्क पर आए लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। 27 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शहरी क्षेत्र में 269 लोग क्वारंटीन हैं। बंजरिया प्रतिनिधि के अनुसार तरकुलवा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंजरिया, पोखरभिण्डा में विगत कुछ दिनों से मुंबई से ट्रक से घर आए दो लोगों को सर्दी-खासी होने पर गांव में हड़कंप मच गया। उसके बाद परिजनों ने दोनों को अपने घर में छिपा लिया। गांव के लोगों ने आनन-फानन इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य टीम ने दोनों को घर से बाहर निकाला और उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। जहां उन्हें क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन कर सैंपल लिया गया है।
क्वारंटीन सेंटर में ड्यूटी करने से कतरा रहे परिषदीय स्कूलों के शिक्षक
लापरवाही के कारण व्यवस्था बनाने में हो रही गड़बड़ी, मंगलवार को बीएसए ने तीन शिक्षकों को किया था निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिषदीय स्कूलों के जिन शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप से अन्य राज्यों से आने वाले आने वाली प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए लगाई गई है, कई शिक्षक कार्यस्थल पर जाने में कतरा रहे हैं। अधिकांश को डर सता रहा है कि कहीं वे भी बीमारी की चपेट में न आ जाएं। ऐसे शिक्षकों की सूची बनाने में विभाग जुटा हुआ है। ऐसे 21 शिक्षकों की सूची भी कार्रवाई के लिए तैयार कर ली गई है।
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गौरीबाजार के खरोह चौराहा पर 20 से अधिक शिक्षकों और देवरिया रेलवे स्टेशन पर 60 ऐसे शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई हैं, जो शहर में रहते हैं। खरोह चौराहे पर बसों से आने वाले प्रवासी मजदूरों एवं रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण एवं भोजन की व्यवस्था के लिए शिक्षकों को लगाया गया है। इन्हें शिफ्ट में आठ-आठ घंटे के लिए लगाया गया है। हालांकि, कई ऐसे शिक्षक है जो ड्यूटी करने में लापरवाही बरत रहे हैं। खरोह में गौरीबाजार विकास खंड के शिक्षक और रेलवे स्टेशन पर विभिन्न विकास खंडों के शिक्षक तैनात किए गए हैं। बीईओ के निर्देश पर इन्हें यहां लगाया गया है। इनमें से कई तो ड्यूटी स्थल पर ही नहीं पहुंच रहे हैं। यह स्थिति तब है जब मंगलवार को बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय अगया, के विजय प्रकाश यादव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पकड़ी खास के यशवंत सिंह एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुविखर के सहायक अध्यापक नवनाथ मौर्य को निलंबित कर दिया। साथ ही विभिन्न खंड शिक्षाधिकारियों को इस मामले की जांच में लगा दिया। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 में लगाई गई है, उसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। ऐसे शिक्षकों का सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही कुछ और शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
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