गिरफ्तार आरोपी शिवा। स्रोत-पुलिस
देवरिया। पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम से बृहस्पतिवार की देर रात न्यायालय परिसर से फरार यौन शोषण के आरोपी की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद वह अचेत होकर गिर पड़ा। पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इमरजेंसी में पूरी रात एसओजी टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी तैनात रही।महुआडीह थाना में शिवा बांसफोड़ के खिलाफ यौन शोषण के मामले में केस दर्ज है। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पांच जून को पुलिस अभिरक्षा में उसे न्यायालय पॉक्सो (1), देवरिया के समक्ष सैंपलिंग के लिए पेश किया गया था।
बाद में पेशी लाकअप पर लाते समय आरोपी शिवा बांसफोड़ न्यायालय परिसर से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। इस मामले में एसपी विक्रांत वीर के निर्देश पर थाना कोतवाली में अभियोग पंजीकृत कर आराेपी की तलाश की जा रही थी। इसी बीच बृहस्पतिवार की रात मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दुर्गेश कुमार सिंह के साथ एसआई रिजवान अली, अजय कुमार तिवारी, सौरभ सिंह सहित पुलिस टीम ने पुरवा तिराहे से महुआडीह रोड पर परसिया मल्ल गांव के पास चेकिंग कर शुरू कर दी। इसी बीच एक संदिग्ध व्यक्ति को रुकने के लिए आवाज दी गई, लेकिन वह भागने लगा।
पुलिस के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद वह नहीं रूका। यह देख पुलिस टीम के पीछा करने पर वह असलहा से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस टीम अपने को बचाते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की तो गोली आरोपी के पैर में लगी। बाएं पैर के घुटने के ऊपर गोली लगने से वह जमीन पर गिर गया।
इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे दबोच लिया। उसके कब्जे से एक तमंचा तथा दो कारतूस व दो खोखा बरामद हुआ। पूछने पर उसने अपना नाम शिवा बांसफोड़ निवासी वार्ड नंबर 21 गांधीनगर थाना हाटा, कुशीनगर बताया। घायलावस्था में उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज किया। मेडिकल काॅलेज में पूरी रात एसओजी टीम और कोतवाली पुलिस जमी रही। जानकारी के मुताबिक महुआडीह थाना में कुशीनगर जिले के हाटा निवासी शिवा बांसफोड़ के खिलाफ यौन शोषण के मामले में केस दर्ज है। इस मामले में वह जिला कारागार में था। पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर वह न्यायालय परिसर से फरार हो गया। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मच गया। इस पर 25 हजार का इनाम भी था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विक्रांत वीर ने सदर कोतवाली में आरोपी पर पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया। मामले की विवेचना एसआई राम लक्ष्मण सिंह को सौंपी गई।