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Deoria News: साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड है पटना का अभिषेक, तलाश शुरू

Wed, 12 Aug 2026 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। साइबर ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों में मंगाकर उसे डिजिटल माध्यम से ठिकाने लगाने वाले गिरोह की जांच में जुटी पुलिस ने मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक, पटना (बिहार) का रहने वाला अभिषेक अहम भूमिका निभा रहा है।
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आरोप है कि साइबर ठगी से हासिल रकम दूसरों के खातों में मंगवाने के बाद कमीशन काटकर आगे भेजी जाती थी। जांच के दायरे में लगातार नए नाम आने से पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में 50 से ज्यादा गुर्गे हो सकते हैं।
गौरी बाजार पुलिस ने साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पवन कुमार वर्मा, शुभम सिंह, सैफ अंसारी और रोशन वर्मा को गिरफ्तार किया था। चारों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से जेल भेज दिए गए हैं।
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पुलिस ने मामले में 24 लोगों को नामजद करने के साथ चार से पांच अज्ञात लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज की है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 52 हजार रुपये नकद, दो सिम कार्ड, दो पीओएस मशीन, तीन आधार कार्ड, बैंक की मुहर, पैन कार्ड, निर्वाचन कार्ड और पांच एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किए गए थे।
पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश के साथ रकम के लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर रही है।
जांच में सामने आया था कि गिरोह साइबर ठगी की रकम सीधे अपने खातों में लेने के बजाय म्यूल बैंक खातों में मंगवाता था।
इसके लिए दूसरे लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम का इस्तेमाल कर बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट तैयार किए जाते थे। इसके बाद बाइनेन्स, टीजी एक्सचेंज और आईपे जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये डिजिटल करेंसी खरीदकर रकम का स्रोत छिपाने का प्रयास किया जाता था।
गिरोह के सदस्य अपना हिस्सा काटने के बाद रकम आगे भेज देते थे। पहले की जांच में गिरोह के तार देवरिया से दिल्ली, बंगलूरू और झारखंड तक जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। एक-एक खाते से चार करोड़ रुपये तक के लेनदेन की जानकारी सामने आ चुकी है।
पुलिस अब अभिषेक की भूमिका और उसके संपर्क में रहने वालों की कड़ी जोड़ रही है। आशंका है कि गिरोह के गुर्गे लोगों को फोन करने और संदिग्ध लिंक भेजने समेत अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी करते हैं।
इसके बाद रकम म्यूल खातों तक पहुंचाई जाती है। पुलिस को शक है कि अब तक सामने आए आरोपियों के अलावा नेटवर्क में बड़ी संख्या में दूसरे लोग भी जुड़े हो सकते हैं।
गौरी बाजार पुलिस और एसओजी अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साइबर सेल भ प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में पटना (बिहार) के अभिषेक के मास्टरमाइंड होने की बात सामने आई है। पुलिस उस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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