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युवक ने लाठी से पीटकर शिक्षक को मार डाला

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90- करमेल गांव में मरे मोतीचंद की फाइल फोटो 91,92- घटना के बारे में जांच करती पुलिस और रोते बिलखते घर वाल - फोटो : DEORIA
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युवक ने लाठी से पीटकर शिक्षक को मार डाला
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करमेल गांव के रहने वाले थे शिक्षक मोतीचंद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/रामनक्षन/गौरीबाजार। स्थानीय थानाक्षेत्र के करमेल गांव में एक युवक ने शिक्षक को लाठी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
करमेल गांव निवासी मोतीचंद (55) गांव के ही सुखारी मौर्य हरिजन विद्यालय में शिक्षक थे। सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे गांव के दूसरे टोले पर अपनी बीमार गाय के लिए दवा लेने बाइक से जा रहे थे। गांव का ही युवक राम उग्रह घर से सटे अपने खेत में लाठी लेकर बैठा था। शिक्षक मोतीचंद के निकलते ही अचानक उसने हमला कर दिया। बाइक पर बैठे शिक्षक के सिर पर ताबड़तोड़ लाठी से मारा। इससे वह गिर पड़े। इसके बाद भी उसने नहीं छोड़ा और लगातार लाठी बरसाता रहा। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो वह भाग खड़ा हुआ। गांववालों की मदद से मोतीचंद को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की पत्नी जीयनी देवी की तहरीर पर गौरीबाजार पुलिस ने राम उग्रह पर गैर इरादतन हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। युवक के घरवालों का कहना है कि रामउग्रह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व रामउग्रह ने अपनी सगी बुआ को भी लाठियों से पीटा था। उनका इलाज केजीएमयू लखनऊ में कराया गया। किसी तरह उनकी जान बच सकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी। इस बाबत इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। इस बाबत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। आरोपी रामउग्रह को पकड़ लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जाएगा।
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अकारण हत्या से विचलित हैं मोतीचंद के घरवाले
गौरीबाजार। शिक्षक की अकारण हत्या से पूरा परिवार सदमे में है। पिता की हत्या से बिटिया विचलित है। बेटी के हाथ पीले करने की पिता की हसरत अधूरी रह गई।
करमेल गांव निवासी मोतीचंद गांव के ही हरिजन प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थे। छोटी बेटी पूजा का विवाह पांच माह पूर्व बटुलही में तय किए थे। उनके दो बड़े बेटे संजय और राकेश अविवाहित हैं। पुत्रों से पहले बिटिया के हाथ पीला करने की लालसा थी। 27 मई को विवाह की तिथि तय है। कोरोना महामारी के बाद भी उनका निर्णय अडिग था। शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। किसी तरह सारा इंतजाम हो पाया था। इस बीच रात को गाय बीमार पड़ गई। मोतीचंद सोमवार की भोर में ही बाइक से गाय की दवा लाने कुटी टोला जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि राम उग्रह उन पर प्रहार कर देगा। आसपास के लोग जब तक पहुंचते वह फरार हो गया। उनकी मौत से बेटी के सपने तो चूर हुए ही परिवारवालों पर भी वज्रपात हो गया।
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