संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। छह माह बाद भी पुलिस की आठ टीमें लार के शास्त्रीनगर में हुई चंद्रावती हत्या से पर्दा नहीं उठा पाई हैं। अब खुलासे के लिए लखनऊ की क्राइम रीक्रिएशन टीम बुलाई गई है।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में शुक्रवार के अंक में छप खबर के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। उधर, शुक्रवार को परिजनों ने सीओ से मुलाकात कर हत्याकांड के जल्द खुलासे की मांग की है।
सनद रहे लार के शास्त्रीनगर वार्ड निवासी किराना व्यवसायी घनश्याम गुप्ता के परिवार के सभी सदस्य 13 नवंबर 24 को काम पर गए थे। घर पर 60 वर्षीय पत्नी चंद्रावती देवी अकेली थीं।
इसी बीच घर में घुसे अज्ञात बदमाशों ने सिर में प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। घर में रखा दस लाख रुपये व जेवरात लूट कर भाग गए थे। तत्कालीन एसपी संकल्प शर्मा ने इंस्पेक्टर कपिल देव चौधरी को थाने से हटाकर लार थाने की कमान इंस्पेक्टर उमेश बाजपेयी को दी थी। साथ ही, हत्याकांड के जल्द खुलासे के लिए आठ टीमें सीओ दीपक शुक्ला के नेतृत्व में लगाई थीं ।
बताया जा रहा है कि टीम ने दो सौ लोगों और बिहार के कुछ बदमाशों से पूछताछ की, मगर पुख्ता सुराग हाथ नहीं लग सका। इधर छह माह बाद भी पुलिस टीम ने जहां से छानबीन शुरू की थी, वहीं पर खड़ी है।
सूत्रों की मानें तो हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए नए सिरे से जांच की जाएगी। लखनऊ की क्राइम रिक्रिएशन टीम बुलाने की तैयारी चल रही है।
टीम व्यवसायी के घर पर वारदात के दिन का क्राइम सीन रीक्रिएशन करेगी। साथ ही, वारदात से जुड़े बिंदुओं पर जांच करेगी। इसके बाद पुलिस को बदमाशों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।