देवरिया। मौनी अमावस्या पर जिले में नदी घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बरहज और भागलपुर में सरयू नदी के तट पर, जबकि हेतिमपुर और त्रिमुहानी घाट पर छोटी गंडक नदी के किनारे हजारों श्रद्धालुओं ने भोर से ही स्नान-दान शुरू कर दिया। हर-हर गंगे और जय सरयू मैया के जयकारों से नदी घाट गूंजते रहे।
सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। ठंड और कोहरे के बावजूद आस्था भारी पड़ी और लोग नदियों में डुबकी लगाते रहे। बरहज और भागलपुर के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
गोताखोरों की तैनाती के साथ नावों के जरिए निगरानी की गई। वहीं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही। हेतिमपुर और त्रिमुहानी में छोटी गंडक नदी के तट पर भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से आए लोगों ने यहां स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान किए। घाटों पर पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर दिनभर रौनक बनी रही।
दिनभर गुलजार रहा मेला स्थल : देसही देवरिया संवाद के अनसुसार हेतिमपुर नगर स्थित छोटी गंडक नदी के तट पर रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर देवरिया के अलावा कुशीनगर जिले के हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान-दान किया। भोर में चार बजे से ही लोग हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए डुबकी लगाने लगे थे।
घाट के किनारे लगे मेले में दुकानें शाम तक गुलजार रहीं। भीड़ को देखते हुए नगर पंचायत प्रशासन और पुलिस ने लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखा। नदी में नाव और गोताखोर भी लगाए गए थे। खनुआ में बिहार के श्रद्धालुओं ने भी किया स्नान : बघौचघाट संवाद के अनसुसार पथरदेवा क्षेत्र के खनुआ नदी के विभिन्न घाटों पर भोर होते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बघौचघाट स्थित बाबा भागवत दास घाट, पकहां का शिवाघाट, यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित घूरनाकुंड घाट तथा कुशहरी घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
शनिवार देर रात से ही देवरिया, कुशीनगर और बिहार के गोपालगंज जिले से आए श्रद्धालु घाटों पर पहुंचकर डेरा जमाए हुए थे।
रविवार तड़के सूर्योदय के समय जैसे ही स्नान का मुहूर्त प्रारंभ हुआ गंगा मईया की जय और हर-हर महादेव के जयघोष से घाट गूंज उठे। महिलाओं, वृद्धजनों और युवाओं ने पवित्र स्नान कर दीपदान किया और भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की।
भागलपुर में रात से ही जुटने लगे थे श्रद्धालु : भागलपुर संवाद के अनसुसार कालीचरण घाट पर हजारों की भीड़ ने आस्था की डुबकी लगाई।
स्नान के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं ने दान दिया। इस दौरान नदी घाट पर पूरे दिन मेला लगा रहा। शनिवार की रात से श्रद्धालु जुटने लगे थे। रविवार सुबह चार बजे से आस्थावानों ने सरयू नदी में डुबकी लगानी शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे तक नदी घाट पर चौकी प्रभारी संतोष सिंह महिला कांस्टेबल और पुलिस के अलावा गोताखोरों के साथ निगरानी में लगे रहे।
मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक : तरकुलवा संवाद के अनुसार श्रद्धालुओं ने रविवार को छोटी गंडक नदी और त्रिमुहानी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई और दान दिया। छोटी गंडक नदी के गंगाधर बाबा घाट समेत कई जगह मेला लगा रहा।
भोर से ही आसपास के आस्थावान गंगाधर बाबा घाट, सोनहुला रामनगर घाट, वृंदावन उत्तर वाहिनी घाट और त्रिमुहानी घाट पर पहुंचने लगे थे। ठंड की परवाह किए बिना श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
कई श्रद्धालुओं ने नदी घाटों पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी। गंगाधर बाबा शिव मंदिर बसंतपुर धूसी, झारखंडी बाबा शिव मंदिर केसरीपुर के अलावा सोनहुला रामनगर, पथरदेवा आदि शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।