संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के पांचवीं मंजिल की पानी की टंकी की शव मिलने की जांच रिपोर्ट सीसडीओ प्रत्युष पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने बुधवार को डीएम दिव्या मित्तल को सौंप दी। इसमें 15 दिन के अंदर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोई मरीज गायब नहीं मिला।
इसके अलावा प्रशासनिक और सुरक्षा में लापरवाही समेत कई खामियां मिली हैं। जांच टीम को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से सहयोग भी नहीं करने का मामला सामने आया है। जांच में कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी छत पर मिलीं। डीएम की ओर से अपनी रिपोर्ट शासन को भेेज दी गई है।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी बिल्डिंग के पांचवीं मंजिल पर पानी की टंकी में सोमवार को शव मिलने का मामला शासन तक पहुंच गया है। डीएम को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। डीएम की ओर से सीडीओ के नेतृत्व में टीम गठित कर कराई गई जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कमियां सामने आईं। इसका संतोषजनक जवाब तक प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल की ओर से नहीं दिया गया।
वहीं मेडिकल कॉलेज में भर्ती करीब 15 दिन के मरीजों का ब्योरा खंगाला गया। इसमें कोई ऐसा मरीज नहीं मिला जो भर्ती होने के बाद वार्ड से गायब है। इसके अलावा इमरजेंसी, ओपीडी, पर्ची काउंटर पर होने वाले मरीजों के रजिस्ट्रेशन से भी इसकी जानकारी जांच टीम ने जुटाई। छत पर शराब की बोतलें और आपत्तिजनक सामान मिलना, छत का मेन दरवाजा टूटने के अलावा कई गड़बड़ी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से की गई थी।
प्राचार्य से टीम ने इसके बारे में पूछा तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और सुरक्षाकर्मियों की कमी बताई। जांच टीम की ओर से डीएम को भेजे गए रिपोर्ट में बताया गया है कि छत पर जाने वाले रैंप व सीढ़ी पर एक भी कैमरा नहीं लगाया गया है, यह बड़ी प्रशासनिक चूक है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के अंदर व परिसर में लगे कई कैमरे खराब मिले।
डीएम की ओर से शासन को यह रिपोर्ट भेज दी गई है। सीडीओ प्रत्यूष पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है।