फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुद्रपुर के क्वारंटीन सेंटर में शख्स की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर के क्वारंटीन सेंटर में शख्स की मौत
विज्ञापन

सीढ़ी से उतर कर नहाने जा रहा था क्वारंटीन
नल के पास बेहोश होकर गिरा, घटना के बाद अफसरों के होश उड़े
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। नगर के श्रीकृष्ण उपाध्याय महिला महाविद्यालय के क्वारंटीन सेंटर में रविवार को दिन में 12 बजे एक शख्स की मौत हो गई। वह सीढ़ियों से उतरकर हैंडपंप पर नहाने जा रहे थे। हैंडपंप के पास अचानक बेहोश होकर गिर गए। मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही अफसरों में अफरा-तफरी मच गई। एसडीओ ओमप्रकाश सीओ अंबिका प्रसाद ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाए।
खोरमा गांव के रहने वाले अधेड़ गुजरात के सूरत में काम कर रहे थे। वह 19 मई को अपने गांव खोरमा आए और गांव के स्कूल में क्वारंटीन हो गए। तीन जून को तबीयत बिगड़ने पर नगर के श्रीकृष्ण उपाध्याय महिला महाविद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर पर कोरोना टेस्ट के लिए उनका नमूना लिया गया। तब से वह वहीं पर क्वारंटीन थे। हालांकि, पांच मई को उनका टेस्ट निगेटिव आ गया, पर स्वास्थ्य महकमे ने उन्हें कोरोना निगेटिव होने की जानकारी नहीं दी। मौत के बाद रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पांच मई की रात को ही उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। मौत की सूचना पर परिवार रोते-बिलखते क्वारंटीन सेंटर पहुंचा। परिवारवालों ने क्वारंटीन सेंटर पर लापरवाही की वजह से जान जाने का आरोप लगाया। घटना के दौरान क्वारंटीन सेंटर पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। जबकि सेंटर पर सीएचसी के एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। अधेड़ के बेहोश होकर गिरते ही सेंटर पर एक एंबुलेंस खड़ी थी जो वहां से चली गई। नई एंबुलेंस बुलाने के लिए 112 पर फोन करना पड़ा। एंबुलेंस के साथ पहुंचे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ आलोक पांडेय ने बताया कि पांच मई की रात को अधेड़ की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। छह मई को उसे निगेटिव आने की सूचना मिल जानी चाहिए थी। मामले की जांच एसीएमओ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत एसडीएम ओमप्रकाश ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा। अधेड़ के तीन बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

इनसेट
क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
रुद्रपुर। महिला महाविद्यालय में करीब 50 लोग क्वारंटीन है। उन लोगों ने सेंटर में लचर व्यवस्था की शिकायत की। कहा कि क्वारंटीन सेंटर को जिम्मेदार लावारिस हाल में छोड़ दिए हैं। यहां क्वारंटीन लोगों के रहने खाने की व्यवस्था काफी दयनीय है। सेंटर में क्वारंटीन लोगों ने कहा कि यहां एक सप्ताह से सैनिटाइज नहीं किया गया है। एक हफ्ता पहले सेंटर के बाहर दवा का छिड़काव किया गया, कमरों को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है। सेंटर पर क्वारंटीन लोगों को रोज सुबह खिचड़ी और रात को पूड़ी-सब्जी मिल रही है। नहाने-धोने के लिए साबुन आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन

इनसेट
खबर छपने के बाद भी नहीं चेत रहे डॉक्टर
रुद्रपुर। क्वारंटीन सेंटर से डॉक्टरों के नदारद रहने की खबर छपने के बाद भी उनकी मनमानी नहीं गई। सैंपलिंग सेंटर होने के कारण वहां रोज एक डॉक्टर की तैनाती की गई है, लेकिन डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आते। घटना के दौरान यदि डॉक्टर मौजूद रहे होते तो शायद क्वारंटीन शख्स की जान बच गई होती। जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगी थी वह मौत की सूचना मिलने के बाद एंबुलेस से क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। वहीं, दो दिन पहले मरने वाले क्वारंटीन शख्स की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उसे सूचना नहीं दी गई। इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें