सलेमपुर। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर रविवार को देवनगर जिले के मझौलीराज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने भव्य पथ संचलन निकाला। संचलन से पूर्व आयोजित बौद्धिक सत्र में क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश ने नववर्ष के वैदिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय परंपरा का आधार बताया।
बौद्धिक प्रमुख ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्राचीन काल से भारतीय नववर्ष के रूप में मान्यता प्राप्त है और इसी दिन सृष्टि का आरंभ ब्रह्मा जी द्वारा किया गया। साथ ही यह संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिवस भी है। उन्होंने बताया कि संघ के छह प्रमुख उत्सवों में वर्ष प्रतिपदा का विशेष स्थान है।
उन्होंने कहा कि देश 15 अगस्त को स्वाधीन हुआ, लेकिन वास्तविक स्वतंत्रता तभी संभव है जब समाज अपनी संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप जीवनशैली अपनाए। उन्होंने स्वाधीनता से स्वतंत्रता की यात्रा को पूर्ण करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और नागरिक कर्तव्य को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही भेष, भूषा, भाषा, भोजन, भवन और भ्रमण में भारतीयता को अपनाने की प्रेरणा दी। पथ संचलन बलभद्र नारायण इंटर कॉलेज, मझौलीराज से प्रारंभ होकर भाटपार रानी मोड़ होते हुए सलेमपुर मार्ग के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए पुनः इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला संघचालक यशवंत सिंह, खंड संघचालक सरदार दिलावर सिंह, सह जिला कार्यवाह करुणेश सिंह, जिला प्रचारक सचिन, नगर प्रचारक बरहज दौलत, जिला कार्यवाह वेद प्रकाश दूबे, राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, राजकुमार शाही, पुनीत शाही, सत्यप्रकाश मिश्र आदि उपस्थित रहे।