संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। सोन्हुला रामनगर चौराहे पर एक चाय की दुकान से बुधवार की दोपहर में पांच लाख रुपये और 220 ग्राम सोना रखा बैग गायब होने की बात झूठी निकली।
छह घंटे की पूछताछ के बाद अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अरविंद कुमार ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि कारीगर पंकज कर्ज में डूबा है। उसने बड़े व्यापारियों के तकाजे से बचने के लिए झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह किया था। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि झूठी कहानी गढ़ पुलिस को गुमराह करने के आरोप में पंकज और उसके बहनोई प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के रामगुलाम टोला निवासी पंकज सोनी ने बुधवार को डायल 112 पर सूचना दी कि वह पडरौना स्थित अपने बहनोई प्रकाश वर्मा के सर्राफा की दुकान पर कारीगर है। वह दुकान से पांच लाख रुपये नकद और 220 ग्राम सोना बैग में रखकर बाइक से देवरिया जा रहा था। देवरिया-कसया मार्ग पर सोन्हुला रामनगर चौराहे पर स्थित हरिश्चंद्र की चाय की दुकान पर रुककर चाय पीने लगा। उसने पुलिस को बताया कि वहां से निकलते समय उसका बैग वहीं छूट गया। कुछ दूर आगे जाने पर बैग छूटने की जब याद आई तो लौट कर दुकान पर पहुंचा तो बैग गायब था।
इस मामले की हकीकत जानने के लिए एएसपी उत्तरी अरविंद कुमार वर्मा, सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी व थाना प्रभारी मृत्युंजय राय ने करीब छह घंटे तक छानबीन की।
वादी पंकज और उसके बहनोई से पुलिस ने अलग-अलग कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो दोनों टूट गए। पुलिस की पूछताछ में उसके बहनोई ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए पंकज ने उससे झूठ बुलवाया। भाई के इलाज कराने में वह कर्ज में डूब चुका है।