संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार। निवेशकों को कम दिनों से अधिक रुपये ब्याज देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये चिटफंड कंपनी का संचालक हड़प लिया था। लोगों के दबाव बढ़ने पर कार्यालय और अपनी मकान बेचकर रातोरात भाग गया।
इसकी जानकारी होने के बाद निवेशक परेशान हो गए और पुलिस से शिकायत किए। काफी दबाव के बाद पुलिस ने चिटफंड कंपनी के संचालक समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के हाटा रोड पर कालाबन निवासी इंद्रासन यादव और उसकी पत्नी,भाई मिलकर चिट-फंड कंपनी चलाते थे। क्षेत्र के काफी लोगों को झांसा देकर कंपनी में उनके जमाधन पर कम समय में ही अधिक लाभ देने का लालच दिया। इससे क्षेत्र के लोगों ने उसका विश्वास कर अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर दी।
पहले कार्यालय हाटा रोड पर एक किराए के मकान में संचालित हो रहा था, लेकिन जुलाई माह में वह कार्यालय बंद कर देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर अपने आवास में ही नया कार्यालय खोल लिया।ज्यादातर ग्रामीण महिलाओं ने अपना पैसा अधिक लाभ अर्जित करने के चक्कर में चिट फंड कंपनी में लगाया। 27 अगस्त की सुबह कुछ लोग उसके मकान स्थित कार्यालय पर जब पहुंचे तो वहां ताला लटका देख उनके होश उड़ गए।आस-पास के लोगों ने बताया कि वह तो कुछ दिन पहले मकान बेचकर यहां से चला गया।
यह सुनते ही निवेशक आक्रोशित हो गए।कुछ लोग फरियाद लेकर थाने पहुंचे।एवं कंपनी संचालक की ओर से किए धोखाधड़ी व गबन करने का आरोप लगाते हुए थाने में हंगामा किए। ग्राम लबकनी निवासी रामसमुझ यादव की तहरीर पर पुलिस ने रविवार को ग्राम कालाबन निवासी अनिता देवी पत्नी इंद्रासन यादव, इंद्रासन यादव ,विशाल यादव के खिलाफ धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष रणजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी ज्यादातर अपने सगे संबंधियों को ही शिकार बनाया है। ठगी के शिकार हुए सभी का बयान विवेचना के दौरान दर्ज किया जाएगा।