भटनी। डायल 112 के प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह भदौरिया को न्यायालय की अवमानना भारी पड़ गई। उनपर भटनी थाने में प्रभारी निरीक्षक रहने के दौरान कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करने में जानबूझ कर लापरवाही बरतने, सुसंगत धाराओं में केस नहीं दर्ज करने व दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने सोमवार को प्रभारी निरीक्षक भदौरिया पर कोर्ट की अवमानना व एससी, एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी के आदेश पर मामले की जांच सीओ कर रहे हैं। भटनी के डेमुसा गांव निवासी विजय प्रसाद ने 2024 में न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसमें उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन को गांव के ही एक परिवार द्वारा कागजों में हेराफेरी कर पट्टीदारों से लिखवा लेने की बात कही थी। कोर्ट ने अक्टूबर में आरोपी परिवार व अन्य लोगों पर धोखाधड़ी व एससी, एसटी आदि धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह भदौरिया ने कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर जानबूझकर मामले में धोखाधड़ी समेत गम्भीर धाराओं छोड़कर मारपीट व एससी, एसटी के तहत केस दर्ज किया। पीड़ित ने प्रभारी निरीक्षक से कोर्ट के आदेश का हवाला देकर ऐसा नहीं करने की अपील की, जिसपर एसओ ने पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार कर भगा दिया। पीड़ित विजय प्रसाद ने इसकी जानकारी न्यायालय को दी। मामले को गम्भीरता से लेते हुए कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक को तलब किया, लेकिन वह नहीं गए। इससे नाराज होकर न्यायालय ने रणजीत सिंह भदौरिया पर कार्रवाई के लिए आदेश किया। इस क्रम में सोमवार को पुलिस ने जिले के डायल 112 प्रभारी व भटनी में तैनात रहे भदौरिया पर कोर्ट का जानबूझकर अवमानना और एससी, एसटी आदि धाराओं में केस दर्ज किया है।