भाटपाररानी। नगर के पशु चिकित्सा केंद्र पर बृहस्पतिवार को ग्राम खरहरी के पशुपालक उमेश चौहान की भैंस की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल पहुंचे अन्य पशुपालकों ने हंगामा कर पोस्टमार्टम कराने की मांग करने लगे। बाद में उन्होंने मृत भैंस को गांव ले जाकर दफना दिया।
पशुपालक उमेश चौहान ने बताया कि सुबह उनकी भैंस के मुंह से अचानक लार टपकने लगा और उसने खाना बंद कर दिया। थोड़ी देर बाद बीमार भैंस को भाटपाररानी पशु चिकित्सा केंद्र पर लेकर पहुंचे। पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुशील कुमार ने इलाज शुरू कर दिया। चिकित्सक ने बताया कि भैंस को तत्काल चार इंजेक्शन लगाए गए। थोड़ी देर बाद उसे बोतल चढ़ाने के लिए तैयारी की जा रही थी। तब तक भैंस ने दम तोड़ दिया। चिकित्सक ने बताया कि भैंस को एकुट ट्रिपैनोसोमिएसिस जिसे हिंदी में अति तीव्र सर्रा कहा जाता है की बीमारी थी। संवाद