संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। हेतिमपुर को शासन की तरफ से एक बड़ी सौगात मिली है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनाने की शासन से स्वीकृति मिल गई है।
करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की स्वीकृति मिलने के साथ ही निर्माण कार्य के लिए 713.49 लाख रुपये जारी कर दिए गए है। कार्यदायी संस्था बहुत जल्द निर्माण शुरू कराएगी। इस पुल के बनने से दो जिलों देवरिया और कुशीनगर के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
बता दें, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 पहले कस्बे के ठीक बीच से होकर छोटी गंडक नदी पार कर आगे बिहार की तरफ जाती थी। नदी का पूर्वी किनारा और पूरब का कस्बा कुशीनगर जिले में पड़ता है। अंग्रेजों ने करीब 1930 के दशक में यहां लोहे का पुल बनवाया था।
आजादी के बाद यातायात सुविधा को और अधिक व्यवस्थित कराने के लिए हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया ने राजमार्ग को दोनों कस्बों के बाहर (दक्षिण) से नया पुल बनवाकर निकाला। फिर भी पुराना पुल दोनों जिलों के राहगीरों के आवागमन के लिए मुख्य पुल बना रहा। हालांकि, व्यवसायी भी इस कस्बे से इधर या उधर जाने के लिए इसी पुल को सुगम मानते रहे। करीब डेढ़ साल पहले संबंधित विभाग ने इस पुल को अति जर्जर घोषित कर दोनों तरफ दीवार चलवाकर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया था।
नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने स्थानीय लोगों की मांग पर इस जर्जर पुल की जगह नया पुल बनाए जाने की मांग की थी। स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की पहल से यहां नया पुल बनाए जाने की परियोजना की स्वीकृति मिल गई है।
शिक्षक रमेश जायसवाल, व्यवसायी धर्म प्रकाश, पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि नन्हे सिंह, पूर्व प्रधान किशोरी लाल जायसवाल, महेंद्र शर्मा, बसंत जायसवाल, प्रमोद वर्मा, नथुनी तिवारी, नूरुद्दीन सिद्दीकी आदि लोगों का कहना है कि इस पुल का बनाया जाना जनहित में बहुत जरूरी था।
शासन का यह फैसला स्वागत योग्य है। इससे बड़ी राहत मिलेगी।