देवरिया। फर्रूखाबाद और कुशीनगर के पटाखा बाजार में विस्फोट के बाद जारी अलर्ट को देखते हुए एसपी ने पटाखा बाजार में औचक निरीक्षण किया। भीड़भाड़ के बीच सजी दुकानों में आग से बचाव के किसी तरह के इंतजाम न होने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने एफएसओ से मानक पूरे न होने पर जवाब तलब किया।
सुरक्षा के मद्देनजर बुधवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक डॉ. एस. चन्नप्पा, एसडीएम सदर अजय श्रीवास्तव, सीओ सिटी अभय सिंह, फायर सर्विस अधिकारी सुरेन्द्र चौबे और शहर कोतवाल श्रीधराचार्य पांडेय जीआईसी मैदान पहुंचे। पटाखा की दुकानों के बीच स्टैंड देखकर एसपी भड़क गए। उन्होंने तत्काल स्टैंड हटाने का निर्देश दिया। अधिकांश दुकानाें पर बालू और पानी का ड्रम नहीं मिलने पर एसपी ने एफएसओ से जवाब मांगा। अधिकारियों नेे पूछा आखिर किस मानक पर लाइसेंस दिए गए। जब दुकानदार किसी मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। एसपी ने अपनी मौजूदगी में ड्रम का पानी और बालू मंगवाया ताकि किसी अनहोनी के बाद धनजन की हानि कम हो सके। रामलीला मैदान में पहुंचकर एसपी ने सुरक्षा मानक को परखा। वहीं लाइसेंस जारी करने में धाधली की शिकायत सीओ नगर से कराई गई। सूत्रों का कहना है कि सीओ के पेशकार से करीब 42 अस्थाई पटाखा बेचने वालों से पूरी जानकारी जुटाई। दुकानदारों से पूछताछ की गई। जिसमें अधिकांश दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए मोटी रकम देने की बात बताई। जो कई टेबल से होकर गुजरा था। वहीं रामलीला मैदान के एक दुकानदार ने विवाद की शिकायत अधिकारियों से की। फिलहाल अधिकारियों के निरीक्षक से सुरक्षा व्यवस्था चौकस नजर आ रही है।
बीच बाजार में लगी दुकान
रामपुर कारखाना कस्बे में एक दर्जन से अधिक दुकानें बीच बाजार में लगी हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खुली जगहों पर दुकान नहीं लगने से स्थानीय लोग परेशान है। बाजार के लोग पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगा रहे है। गुदरीबाजार, बहरामपुर मोड़, मन्नुलाल चौराहा पर भीड़ हमेशा रहती है। जहां पटाखा के कारोबारी दुकान लगा रखे हैं। एसओ का कहना है कि बीच बाजार में दुकान लगा है तो कार्रवाई की जाएगी।