देवरिया। सिंचाई विभाग बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता एमयू खान को ठेकेदारों ने बृहस्पतिवार को उनके कार्यालय में करीब आधा घंटा तक बंधक बनाए रखा। ठेकेदारों की मांग थी कि उनका बकाया भुगतान अविलंब किया जाए। इसके पूर्व ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि बकाये मद का 5.42 करोड़ रुपये भुगतान नहीं किया जाता है तो आंदोलन जारी रहेगा।
अधिशासी अभियंता कार्यालय पर सुबह ठेकेदारों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि सिंचाई विभाग बाढ़ कार्य खंड में लंबित सभी भुगतानों के लिए कई बार अधिकारियों से गुजारिश की गई। लेकिन भुगतान अभी तक नहीं किया गया। मजबूरन आंदोलन करने को विवश होना पड़ा। ठेकेदारों ने कहा कि दैवीय आपदा राहत मद के तहत वर्ष 2012-13 में कार्य कराया गया। जिसका भुगतान 5.42 करोड़ रुपये बाकी है। वित्तीय वर्ष 2013-14 की बाढ़ अवधि में बाढ़ कार्य खंड के परिक्षेत्र के सभी तटबंधों पर बचाव कार्य कराया गया। जिसका भुगतान नहीं किया गया है। वर्ष 2009-10 से लेकर अब तक प्रोजेक्ट के सापेक्ष और अनुरक्षण मद के सापेक्ष कार्य कराया गया। जिसका अंतिम भुगतान लटका हुआ है। इसके चलते ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं। दोपहर में ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता को उनके कार्यालय में ही बंधक बना लिया। करीब आधा घंटे तक बंधक बनाने के बाद वे किसी तरह बाहर निकले। धरना-प्रदर्शन में उपेंद्र पांडेय, शंभू राव, श्रीप्रकाश, विजय शेखर मल्ल, अनिल राय, तहसीलदार उपाध्याय, मनीष पांडेय, सरोज पांडेय आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इनसेट में
कुछ देर तक बनाया था बंधक : एक्सईएन
देवरिया। इस बाबत एक्सईएन एमयू खान ने बताया कि कुछ देर तक ठेकेदारों ने बाहर से कमरा बंद कर रखा था। बाद में कुछ मीडियाकर्मियों ने दरवाजा खोला तो वे बाहर आए। दैवीय आपदा राहत मद का 5.42 करोड़ रुपये बकाया है। केंद्र सरकार ने भुगतान करने से मना कर दिया है। परियोजना बनाकर हेड ऑफिस को भेजा गया है। जहां से वह शासन को जाएगा। शुक्रवार को इसी सिलसिले में हेड ऑफिस में मीटिंग हैं। अब उप्र शासन इस पर विचार करेगा।