देवरिया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से जिले भर के लेखपालों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। इस दौरान लेखपालों ने प्रदेश सरकार पर लेखपालों के हित की अनदेखी का आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष नागेश पति त्रिपाठी, जिलामंत्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव नेे कहा कि लेखपालों की समस्याओं का शासन की ओर निस्तारण करने में हीलाहवाली की जा रही है। इससे नाराज होकर लेखपालों ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 16 अगस्त को आंदोलन किया था। कई बार प्रांतीय नेतृत्व से विभिन्न स्तरों पर वार्ता भी हुई लेकिन उपेक्षापूर्ण रवैये से सार्थक नतीजा नहीं निकला। प्रमुख मांगों में राजस्व लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान, वाहन भत्ता, स्टेशनरी भत्ता आदि दूसरे प्रांतों के समान करने, प्रदेश में 1368 नए राजस्व पदों का सृजन करनेे, पूर्व प्रस्तावित 648 पद राजस्व निरीक्षक तहसील कार्यालय में बढ़ाने, सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 25 फीसदी अनुपात को खत्म कर समस्त पदों पर शत प्रतिशत प्रोन्नति व्यवस्था करने, 800 पदों पर संवर्ग से तत्काल प्रोन्नति करने, 8000 पदों पर लेखपालों की नियुक्ति कर अतिशीघ्र भरने, लेखपालों की योग्यता इंटर की बजाय स्नातक करने की मांग की गई। लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन वीरेंद्र गुप्ता को दिया गया। धरना सभा को रामानंद पाल, चंद्रभूूषण पांडेय, राजन सिंह, संतोष कुमार, सुनील श्रीवास्तव, उमेश उपाध्याय, राजनाथ राय, रवि कुमार, हरिश्चंद्र पांडेय, कृष्णमोहन कांत, अमरेंद्र तिवारी, गोविंद यादव, नवनाथ उपाध्याय, राजकुमार मिश्र, प्रेमप्रकाश यादव आदि ने संबोधित किया।