देवरिया। बलिया और देवरिया को जोड़ने वाले घाघरा नदी पर बने भागलपुर पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। डीएम के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने पुल की बियरिंग खराबी पर यह कदम उठाया है।
वहीं महज 13 वर्ष पूर्व बने पुल की बियरिंग खराबी पर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोक निर्माण विभाग बियरिंग बदलने के लिए स्टीमेट तैयार करने में जुटा है। जिस पर एक करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग (राज्य मार्ग संख्या एक) पर भागलपुर में घाघरा नदी पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड ने दीर्घ सेतु का काम वर्ष 1987 में शुरू कराया।
13 वर्षों बाद यह पुल वर्ष 2001 में बनकर तैयार हुआ। इसके बनने से बलिया और देवरिया में आना जाना सुगम हो गया। डेढ़ माह पूर्व पुल पर बड़े वाहनों के चलने से कंपन की गति तेज देखकर अधिकारियों के कान खड़े हो गए थे। उस समय तत्कालीन डीएम मणि प्रसाद मिश्र ने पुल का निरीक्षण किया था।
बताते हैं कि लोक निर्माण विभाग ने शासन के हेड क्वार्टर को पत्र लिखकर पुल की जांच तकनीकी टीम से कराने का अनुरोध किया था। जिस पर तकनीकी टीम ने पुल की जांच की। जिसमें बड़े वाहनों के चलने को पुल का कंपन तेज होने को खतरनाक बताया गया। टीम ने बड़े वाहनों बस और ट्रक के आवागमन पर रोक लगाने को कहा। तकनीकी जानकारों की मानें तो बियरिंग की गुणवत्ता ठीक नहीं होने और ट्रैफिक लोड बढ़ने से खराबी आई है। वहीं खतरा को देखते हुए डीएम आरपी गोस्वामी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरबी राम ने बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बियरिंग बदलने के लिए स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। एक करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। धन उपलब्ध होने पर बियरिंग बदलने में एक माह का समय लगेगा।