देवरिया। प्रतापपुर चीनी मिल गन्ना किसानों के बकाया मूल्य भुगतान में फिसड्डी साबित हो रही है। अब तक बकाए की रकम बढ़कर 56 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। इधर होली के त्योहार को देखते हुए किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान करने की मांग की है।
प्रतापपुर चीनी मिल ने 10 मार्च तक 22.45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसकी कीमत 61.6477 करोड़ रुपये बताई जा रही है। किसानों को चीनी मिल की ओर से 260 रुपये की दर से तत्काल पेमेंट करने और 20 रुपये बाद में भुगतान करने का फरमान है। इस हिसाब से चीनी मिल ने 22 दिसंबर 13 तक का 5.2056 करोड़ रुपये का भुगतान की है। अभी भी 56.4421 करोड़ रुपये बकाया है। इधर होली का त्योहार नजदीक होने और शादी ब्याह का सीजन शुरू होने पर किसान भुगतान को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने इसको लेकर प्रदर्शन भी किया तो डीएम आरपी गोस्वामी ने चीनी मिल के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर भुगतान के संबंध में जानकारी चाही है। वहीं जिला प्रशासन करीब 10 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई शेष होने का अनुमान लगा रहा है। इसको देखते हुए 31 मार्च तक चीनी मिल के चलने के आसार हैं। इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने बताया कि भुगतान की स्थिति खराब है। इस बाबत महाप्रबंधक गन्ना डॉ. जेपी त्रिपाठी ने बताया कि किसानों को जल्द ही भुगतान किया जाएगा।