बैतालपुर/देवरिया। उनकी आंखों में बदलाव लाने के सपने हैं। वे ऊर्जा और उत्साह से लबरेज हैं। गांवों और नगरों में उद्यमिता के विकास की राह आसान करने की ठान रखी है। इसके लिए खेतों की पगडंडियों को पकड़कर गांव-गांव गए। आशावादी सोच लिए हुए महिलाओं और बच्चों के बीच घुल मिलकर गांव की समस्याओं के बारे में बात करते नजर आए। यह दृश्य उद्यम जनित विकास के सपने को बरपार गांव में शुक्रवार को छठवीं बार पहुंची जागृति रेलयात्रा के जत्थे में शामिल युवा यात्रियों का था।
जन जागृति संस्थान की ओर से 11 दिन पूर्व मुंबई से 450 युवाओं को लेकर रवाना हुई जागृति रेलयात्रा शुक्रवार की सुबह सदर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। 19 बोगियों वाली ट्रेन से जब 27 प्रांतों के अलावा विदेश से आए युवा उतरे तो लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। इसके बाद यात्री बस में सवार होकर बैतालपुर के बरपार गांव के लिए रवाना हो गए। बरपार गांव में आयोजित कार्यक्रम के बाद सभी युवा सात जत्थों में बंटकर सात गांवों में गए और युवा, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से रूबरू हुए। इन युवकों ने छेरिहा, सकरापार, चतुर्भुजपुर, बरारी, बरपार, इजरहीं और कुरमीटोला गांव की समस्याओं को जाना। युवाओं की टोली ने शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जल, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानकारी हासिल की। गांववालों ने जब उन्हें बताया कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षक तो हैं लेकिन बच्चों को पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी नहीं है। इस दशा में गांव के अधिकतर बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाते हैं।