देवरिया। दीनानाथ राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को ‘वर्तमान परिदृश्य में युवाओं में एचआईवी/एड्स के प्रति जानकारी कितनी जरूरी है’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि एड्स से खतरनाक हेपेटाइटिस बी है। अपने आहार विहार पर ध्यान देकर एचआईवी से बचा जा सकता है। प्राचार्य डॉ. शाहिद चिश्ती ने कहा कि हमने अपने सभ्यता व संस्कृति को छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति को अपना लिया है।
हमें अपनी कमियों को स्वीकार करना होगा। नैतिकता को अपनाकर हम एचआईवी और एड्स से बच सकते हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक एड्स राकेश तिवारी ने कहा कि बचाव के लिए बाहर रहकर संयमित जीवन पद्धति को अपनाना होगा।
एचआईवी सुपरवाइजर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने इसके फैलने के चार प्रमुख कारण बताए। इसमें असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने से, संक्रमित सुई के प्रयोग से और एचआईवी संक्रमित मां से बच्चे को बचाना होगा। गोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों मेें प्रथम पुरस्कार प्रीति शर्मा, एकता मणि त्रिपाठी को द्वितीय पुरस्कार आराधना सिंह, तृतीय पुरस्कार शालू त्रिपाठी को कॉलेज की प्राचार्य ने प्रदान किया।
सांत्वना पुरस्कार पूजा गुप्ता और पूजा गौड़ को डॉ. एके चौधरी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने दिया। इस मौके पर बृजेश तिवारी, दीपक वर्मा, अफजल, दिवाकर, अल्पना सिंह, डॉ. श्रेयपाली सिंह, डॉ. रीना सिंह, डॉ. अंजलिका निगम आदि मौजूद रहीं।