रुद्रपुर। नगर मंडल रुद्रपुर के अध्यक्ष पद को लेकर उपजा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। रुद्रपुर के हटाए गए अध्यक्ष सुनील गुप्त ने भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित तीन पदाधिकारियों को अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा है। भाजपा विधि प्रकोष्ट की ओर से नोटिस का जवाब भेज दिया गया है। शनिवार को नोटिस की जवाबी प्रति अमर उजाला के हाथ लगी है। नगर मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त को करीब तीन माह पहले हटाकर उनकी जगह पर पार्टी ने संजीव कुमार गुप्त को अध्यक्ष बना दिया। सुनील को हटाने के बाद रुद्रपुर से देवरिया तक संगठन में गोलबंदी खुल कर सामने आ गई। यह मामला प्रदेश संगठन तक पहुंच गया।
दो खेमों में बंटे भाजपाई एक दूसरे पर छींटाकशी करने से भी नहीं चूके। जिलाध्यक्ष जयप्रकाश निषाद के फेसबुक आईडी पर की गई टिप्पणी को लेकर हलचल मचा। इस मामले में रुद्रपुर के चेयरमैन छठ्ठेलाल निगम पार्टी में नियम और कानून को लेकर मुखरित हुए थे। पूरे प्रकरण की जांच प्रदेश की अनुशासन कमेटी को साैंप दिया गया।
अभी अनुशासन समिति जांचकर किसी नतीजे पर पहुंची भी नहीं थी कि अदालती नोटिस का सिलसिला शुरू हो गया है। हटाए गए अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष जयप्रकाश निषाद, महामंत्री कृष्ण नाथ राय और श्रीनिवास मणि को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एडवोकेट गोपाल कृष्ण पाठक ने सुनील के अधिवक्ता आनंद प्रकाश चौरसिया को नोटिस का जवाब भेज कर इस कृत्य को पार्टी संविधान के विरुद्ध बताया है। नोटिस के बाबत जब भाजपा के जिलाध्यक्ष और रुद्रपुर के हटाए गए मंडल अध्यक्ष से बात की गई तो उन लोगों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। हालांकि अमर उजाला को मिली नोटिस की जवाबी प्रति ने भाजपा के अंदरखाने चल चली कलह की सारी कहानी बयां कर दी है।