रुद्रपुर। दो साल से जब्त नगर पंचायत के खसरा का मूल अभिलेख प्रशासन वापस नहीं करेगा। जिलाधिकारी ने नगर पंचायत प्रशासन को खसरा अभिलेख की लेमिनेटेड फोटोकॉपी देने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत में जमींदारी का कानून बरकरार चला आ रहा है। यहां आबादी क्षेत्र में बने मकानों का मालिकाना हक बताने के लिए खसरा का नकल जारी किया जाता रहा है। यह अभिलेख उर्दू में हैं और इसकी नकल हिंदी में जारी की जाती है।
इस अभिलेख पर नगर पंचायत अध्यक्ष परिवर्तन दर्ज करते चले आ रहे हैं। खसरा अभिलेख की वैधता और परिवर्तन आदेशों को लेकर विवाद की स्थितियां उत्पन्न होती रहती है। दो साल पहले अभिलेख में खारिज दाखिल को नियम विरुद्ध बताकर कमिश्नर ने खसरा को जब्त करा लिया। अभिलेख में फर्जी प्रविष्टियों की जांच का निर्देश देकर पांच लोगों की जांच कमेटी बना दी गई। जांच कमेटी ने खसरा में फर्जी आदेश दर्ज करने के मामलों की रिपोर्ट डीएम को भेज दिया।
इधर एक साल से नगर पंचायत अध्यक्ष छठ्ठेलाल निगम के साथ पूरी कमेटी अभिलेख की मांग कर रही थी। जिलाधिकारी ने कमेटी के मांग पर खसरा अभिलेख की लेमिनेटेड फोटोकॉपी जारी करने का आदेश दिया है।
एसडीएम डॉ. आरडी पांडेय ने कहा कि खसरा का मूल अभिलेख तहसील के अभिलेखागार में सुरक्षित रहेगा। नगर पंचायत को पूरे अभिलेख की लेमिनेटेड फोटोकॉपी दे दी जाएगी।