देवरिया। जिले के महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और निजी कॉलेजों में मनमानी फीस पर रोक लगाने समेत अन्य मांगों को लेकर छात्रनेता सड़क पर उतर आए। छात्रनेताओं का कहना था कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के अधीन कॉलेजों के परीक्षा परिणाम में व्यापक स्तर की धांधली उजागर हुई है। पूर्वांचल के पिछड़े इलाके के प्रतिभाओं को एक तरह से दबाने का प्रयास है। इस प्रकरण में बड़ी साजिश नजर आ रही है। इसकी व्यापक जांच जरूरी है। छात्रनेताओं ने राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांग-पत्र उपजिलाधिकारी को दिया।
शुक्रवार को छात्रनेता सुभाष चौक पर एकत्र हुए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राधेश्याम शुक्ल, सामाजिक कार्यकर्ता चतुरानन ओझा और वरिष्ठ छात्रनेता अरविंद गिरि के अगुवाई में छात्रनेताओं ने प्रदेश सरकार और कुलपति विरोधी नारेबाजी की। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राधेश्याम शुक्ल और उपाध्यक्ष अरविंद गिरि की अगुवाई में सिविल लाइंस पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। छात्रनेताओं ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम को अपना मांग-पत्र दिया। मांग-पत्र में उन्होंने कहा है कि कुलपति का रवैया छात्र विरोधी है।
उन्होंने विशेष विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया है। जबकि अधिकांश छात्रों के कॉपियों को जांचने का अधिकार न होने का बहाना किया जा रहा है। छात्रनेताओं का कहना था कि जिले के निजी डिग्री कॉलेज के प्रबंध तंत्र विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। उनके यहां शिक्षण कार्य के लिए न तो प्राध्यापक है और न ही अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध है। छात्रों के भविष्य के साथ कॉलेजों के प्रबंध तंत्र खिलवाड़ कर रहे हैं। मांगपत्र देने वालों में धनेश यादव, सुशील तिवारी, कमलेश सिंह, देवेश सिंह, एहसान अहमद, सुशील पांडेय, मनमोहन सिंह, मोनू कुशवाहा, लोकेश चौरसिया, शाकिर अली, रजत मणि, अनिल सिंह, राजेंद्र यादव, अखिलेश, सद्दाम, विशाल द्विवेदी, कमलेश, विजेंद्र चौहान, मनीष और राहुल आदि शामिल रहे।