फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैचिंग से सड़कों को ठीक करने की कवायद

Sun, 10 Nov 2013 05:40 AM IST
Deoria
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। गांवों को जाने वाली टूटी सड़कों के निर्माण में धन की कमी बाधा बन रही है। बरसात बीत जाने के बाद जिला प्रशासन पैचिंग कर सड़कों की हालत सुधारने की कवायद में लगा है। यातायात के बढ़े घनत्व को सड़कें झेल नहीं कर पा रहीं हैं। फिलहाल पूर्व में जारी धन से ही कुछ सड़कों का निर्माण कराने का काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन

जिले में गांवों को जोड़ने वाली छोटी-बड़ी सड़कों की संख्या करीब 170 है। जिनका निर्माण और मरम्मत कराया जाना है। इस बारिश में जिले की सड़कों ने सभी राजनैतिक दलों और खुद जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। यहां तक कि टूटी सड़कों के निर्माण और मरम्मत मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास भी पहुंचा। मुख्यमंत्री ने शहर में 4.5 किलोमीटर तक फोरलेन कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल धन आने की प्रतीक्षा की जा रही है।
वहीं बिहार को जोड़ने वाली कंचनपुर-बघौचघाट-पकहां के बीच सड़क की हालत बेहद दयनीय हो गई है। 22 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 42 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। महज पांच लाख रुपये ही पिछले वर्ष मिले। अभी तक बाकी धन आने का इंतजार है। इस सड़क की दयनीय हालत को देखकर पथरदेवा में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने धान की रोपाई कर विरोध जताया था। सड़क पर पानी भरे होने से धान की फसल बड़ी हो गई थी।
विज्ञापन

उधर, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जिले की 17 सड़कों के निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। हालत यह है कि भटनी से भरथुआ के बीच टूटी सड़क वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। यह सड़क तीन चार वर्ष पूर्व बनाई गई थी। रामजानकी मार्ग बनाने के लिए धन स्वीकृत हो चुका है। लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुआ है। गांवों में टूटी सड़कों को देखते हुए अधिकारी भी वाहन लेकर जाना नहीं चाहते। स्वास्थ्य सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी से भी लोगों ने खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। महुआबारी की तरफ सड़क टूटी सड़क को लेकर भाकियू ने धरना दिया था। इस बाबत जिलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र ने बताया कि सड़कों के पैच करने का काम किया जा रहा है। 30 नवंबर तक हर हाल में सड़कों को गड्ढ़ामुक्त कर लिया जाएगा। जिन सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत है। धन आते ही उन पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें