देवरिया। बोर्ड परीक्षा में इस बार वित्तविहीन कॉलेज पिछले वर्ष की भांति कम संख्या में परीक्षा केंद्र बनेंगे। शासन ने बोर्ड परीक्षा केंद्र के लिए नया फरमान जारी किया है। राजकीय और शासकीय कॉलेजों में परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त क्षमता है तो वहां अ और ब के नाम से दो केंद्र बनाये जा सकते हैं और यहां अधिकतम क्षमता के अनुसार 2400 परीक्षार्थियों का आवंटन हो सकेगा।
प्रदेश सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को केंद्र निर्धारण से संबन्धित भेजे गए निर्देश में यह कहा है कि परीक्षा केंद्र के निर्धारण में परीक्षा की शुचिता, गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर कें द्र का निर्धारण की जाए। डिबार हो चुके वित्तविहीन विद्यालय केंद्र नहीं बनेंगे और डिबार वित्तपोषित विद्यालय केंद्र बनेंगे लेकिन उनके व्यवस्थापक और शिक्षक बदल दिए जाएंगे। मान्यता पत्र निर्गमन के उपरांत जिन कॉलेजों के कम से कम दो बैच परिषदीय परीक्षा में सम्मिलित हुए होें और वहां केंद्र निर्धारण के सभी मानक पूरे हो रहे हों उन कॉलेजों को केंद्र की प्रस्तावित सूची में रखा जाएगा। वर्ष 2012 की परिषदीय परीक्षाओं में शांतिपूर्ण एवं सुचारु संचालन संपन्न हुआ था उन्हें अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। पिछले साल के आवंटित कॉलेजों के छात्र इस साल उन विद्यालयों पर नहीं भेजे जाएंगे। 20 प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले कॉलेज कें द्र के लिए प्रस्तावित नहीं होंगे। 2013 की परीक्षा में वित्तविहीन कॉलेजों का आवंटन अवरोही क्रम में इस भांति होगा। जनपद की सर्वाधिक संख्या वाले वित्तविहीन कॉलेजों का छात्र आवंटन सर्वप्रथम राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में किया जाएगा। वित्तविहीन विद्यालयों के छात्र वित्तपोषित में और वित्तपोषित व राजकीय के बच्चे वित्तविहीन कॉलेज में भेजे जाएंगे। एक केंद्र पर एक से अधिक कॉलेजों को भेजा जाएगा। त्रिकोणात्मक एवं पारस्परिक आधार पर भी केंद्र निर्धारण पर रोक लगा दी गई है। केंद्र निर्धारण में नजदीक विद्यालयों को वरीयता दिये जाने की बात कही गई है। वित्तविहीन केंद्रों पर 300 से 500 और वित्त पोषित में धारण क्षमता है तो 2400 तक छात्रों का आवंटन किया जा सकता है। विलंब से आवेदन जमा करने वाले कॉलेज प्रस्तावित सूची से बाहर होंगे।
डीएम सूची को देंगे अंतिम रूप
केंद्रों के निर्धारण के लिए शासन स्तर से समिति का गठन किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी में जिला विद्यालय निरीक्षक को सदस्य सचिव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिले के दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य जिसमें एक ग्रामीण क्षेत्र को शामिल करते हुए तहसील क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को सदस्य नामित किया गया है। जिला स्तर पर सूची फाइनल होने के बाद मंडलीय समिति सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंडलीय समिति में मंडलायुक्त अध्यक्ष, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक सदस्य सचिव और सम्बधित जिले के डीएम सदस्य होंगे।
कें द्र के लिए कॉलेजों का एसडीएम करेंगे सत्यापन
जिला विद्यालय निरीक्षक रामाज्ञा कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर शासन के आदेश का हर हाल में पालन होगा। इसके लिए प्रस्तावित सूची जल्द ही तहसीलवार उपजिलाधिकारी को भेजी जाएंगी इसके जल्द ही बैठक बुलाएंगे।
16 नवंबर तक होगा परीक्षा केंद्रों का निर्धारण
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए शासन ने तिथि भी तय कर दी है। निर्देश पुस्तिका में जनपदीय समिति 16 नवंबर तक केंद्रों का निर्धारण करेगी। इस सूची का 21 नवंबर तक सार्वजनिक रूप से प्रकाशन किया जाएगा। 26 नवंबर तक चयनित केंद्रों के संबंध में आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों के बाद पहली दिसंबर तक इसका निस्तारण कर अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 11 दिसंबर के पहले जिला स्तर से सूची फाइनल कर मंडल स्तर भेजी जाएगी और 11 दिसंबर को इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद को उपलब्ध करा दिया जाएगा।