रुद्रपुर। क्षेत्र एड्स का रेड जोन बनता जा रहा है। पिछले चार साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हर साल एड्स रोगियों की तादाद बढ़ रही है। सीएचसी दी आईसीटीसी सेंटर की जांच रिपोर्ट से मिले आंकड़े के अनुसार 2012 में नौ माह में 45 एचआईवी पाजीटिव मिले हैं।
इनमे से अधिकत्तर मरीज देश के बड़े शहरों मुंबई, कोलकाता और दिल्ली में एड्स के शिकार हुए। पीड़ितों में 90 प्रतिशत गरीब तबके के मजदूर हैं। पीड़ितों में 70 प्रतिशत पुरुष और 30 प्रतिशत महिलाएं हैं। सीएचसी के चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। एचआईवी पाजिटिव मरीजों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। वर्ष 2008 में रुद्रपुर में एड्स रोगियों की संख्या 22 थी। 2009 में यह संख्या 33 पर पहुंच गई। 2010 में आईसीटीसी सेंटर की जांच में 28 मरीज मिले। 2011 में 30 लोग एड्स से ग्रसित हुए। 2012 में नौ माह की जांच के दौरान मरीजों की संख्या 45 पर पहुंच चुकी है। तेजी बढ़ रही एड्स रोगियों की संख्या से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। सीएचसी का आईसीटीसी सेंटर सर्वांधिक प्रभावित गांवों में कैंप लगा कर लोगों को जानकारी दे रहा है। रुद्रपुर के एक एड्स प्रभावित गांव विशेष निगरानी में है। क्षेत्र के छह गांवों में एक दर्जन से अधिक मरीज मिले हैं।