देवरिया। कूटरचना कर पट्टीदार की भूमि को महाविद्यालय के नाम करने के मामले के आरोपी पूर्व मंत्री एमए लारी समेत तीनों की जमानत मंगलवार को खारिज हो गई। न्यायिक अभिरक्षा में लेकर तीनों को जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व शनिवार को भी उनकी जमानत खारिज हो गई थी।
पूर्वमंत्री का लार में खुदैजा बीबी मख्दूम बख्श गल्र्स नाम से डिग्री कॉलेज है। इस जमीन में उनकी ओर से फर्जीवाड़ा किया गया था। वर्ष 2007 में उनके पट्टीदार मुजफ्फर अहमद लारी ने प्रबंधक एमए लारी, शमशाद और फुरकान के खिलाफ कूटरचना कर जमीन हड़पने का केस दर्ज कराया था। लार पुलिस ने मामले की विवेचना कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया था। इस मामले में पूर्व मंत्री समेत तीनों ने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली थी। हाईकोर्ट ने नियमित जमानत के लिए तीनों को निचली अदालत में जाने का आदेश दिया था। शनिवार को तीनों की जमानत को खारिज करते हुए जिला जज अरुण मिश्र ने जेल भेज दिया था। मंगलवार को एडीजे तृतीय महेश नौटियाल के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने जमानत प्रार्थना-पत्र का विरोध किया। एडीजे ने सुनवाई के दौरान तीनों की जमानत खारिज कर दिया। न्यायिक हिरासत में लेकर तीनों को जेल भेज दिया गया।