ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तेल पाइप बिछाने का काम रोका
शहर से सटे पगरा गांव का मामला, वर्तमान सर्किल रेट पर मुआवजा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। तेल पाइप लाइन परियोजना का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। अब पगरा परसिया गांव के लोगों ने परियोजना में रोड़े अटका दिया है। उपयोग की जा रही जमीन का वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को काम रोकवा दिया। किसानों ने मुआवजे तय करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है।
बरौनी से सिवान, देवरिया होते हुए बैतालपुर तक इंडियन ऑयल नई पाइप लाइन बिछा रहा है। वर्ष 2013 में इस परियोजना के तहत जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन किसानों के लगातार विरोध के चलते काम विलंबित हो रहा है। जैसे-तैसे पाइप लाइन बिछाते हुए इंडियन ऑयल की टीम शहर के पास तक पहुंची है। रविवार को जैसे ही पगरा परसिया में काम शुरू हुआ, ग्रामीणों ने उसे रोक दिया। पगरा परसिया, घटैला गाजी, बड़हरा, कुसुमा, भगवतीपुर, बरारी उर्फ मझरियांवा, पोखरभिंडा, गौरा, पकड़ी आदि गांव के लोगों ने एकत्रित होकर पाइप लाइन परियोजना का विरोध किया। उनका कहना था कि जिस भूमि पर पाइप लाइन बिछाई जाएगी, उस पर किसान कोई अन्य काम नहीं कर सकेंगे। यह भूमि किसानों के लिए किसी कार्य की नहीं रहेगी। लिहाजा उन्हें इसका पूरा मुआवजा दिया जाए। प्रशासन इस जमीन की रजिस्ट्री करा ले या फिर वर्तमाल सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दे। इससे कम पर वह किसी भी हाल में अपनी जमीन परियोजना के लिए नहीं देंगे। करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन व बैठक के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को 48 घंटे की मोहलत देते हुए कहा कि इस अवधि में या तो मुआवजा पर कोई फैसला लिया जाए । विरोध प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, नरेंद्र चौहान, भोला शुक्ल, रामशुन यादव, रामदेव यादव, पारस तिवारी, रामअवध चौहान, सुदामा यादव, सुरेश सिंह, मुख्तार सिंह, श्रीनिवास तिवारी, मुखलाल प्रजापति, बड़ाई प्रजापति, बिकाऊ सिंह, नीरज मिश्र, नथुनी तिवारी, काशीनाथ तिवारी, इजहार, शब्बीर अहमद, नबीरसूल अंसारी, अनुपम प्रकाश, धर्मेंद्र यादव, तारा देवी, राकेश शाही, गुडलक आदि शामिल रहे।