- वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने डीएम को दिया निर्देष
- किसानों के विरोध के कारण 13 साल से अधर में लटकी है परियोजना
- किसानों से आमने-सामने वार्ता करने से रेलवे प्रशासन काट रहा कन्नी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट भटनी-हथुआ रेल परियोजना 13 सालों से किसानों के विरोध के कारण अधर में लटका हुआ है। शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने डीएम को किसानों से वार्ता कर जमीन अधिग्रहण कराने के लिए निर्देश दिया। परियोजना को पूरा कराने में अवरोध दूर कराने को कहा।
हथुआ-भटनी 79.74 किलोमीटर की नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2005 में स्वीकृति मिली। इसके लिए जिले के सलेमपुर तहसील के तीन और भाटपाररानी तहसील के 11 गांवों की 41.902 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर ली गई। प्रस्तावित रेलवे लाइन पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के ससुराल और उनके कई रिश्तेदारों के गांवों को जोड़ती है। इस परियोजना के लिए रेलवे की ओर से जिला प्रशासन को 9.24 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसमें से 86 लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। मुआवजे के संबंध में पूर्व में किसानों और जिला प्रशासन तथा रेल प्रशासन के बीच कई बार वार्ता हुई लेकिन बात 13 साल बाद भी नहीं बनी। प्रशासनिक अफसरों के मुताबिक रेलवे के अफसर खुद बात करने के बजाए जिला प्रशासन पर किसानों से वार्ता करने और मुआवजे का रेट निर्धारित करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। काफी प्रयासों के बाद जिला प्रशासन ने अपना हाथ पीछे खींच लिया और कुछ माह पूर्व तत्कालीन डीएम ने पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य इंजीनियर को किसानों से सीधे वार्ता करने के लिए पत्र भेजा था और किसी सक्षम अधिकारी को नामित करने और किसानों की सहमति के बाद भूमि दर निर्धारण समिति की बैठक करने को कहा था। डीएम अमित किशोर ने बताया कि मुख्य सचिव की आज वीडियो कांफ्रेंसिंग थी। इसमें लंबित रेल परियोजना भटनी-हथुआ को चालू कराने और किसानों के साथ वार्ता कर जमीन अधिग्रहण के लिए निर्देश मिला है। 10 अक्तूबर को प्रभावित किसानों से वार्ता किया जाएगा।
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किसान विरोधी है रेल परियोजना : किसान
भटनी-हथुआ परियोजना का प्रभावित गांवों के किसान वर्ष 2008 से विरोध कर रहे हैं। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष टीएन मिश्रा का कहना है कि यह रेल परियोजना किसान विरोधी है। पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ससुराल और रिश्तेदारों को रेल लाइन से जोड़ने के लिए अपने कार्यकाल में इस परियोजना को स्वीकृत किया। किसान अंत तक इस परियोजना का विरोध करेंगे।
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इन गांवों के किसानों की पड़ रही जमीन
भटनी-हथुआ रेल परियोजना में हतवा, नकहनी, तेनुआ, जिगिना मिश्र, रायबारी, पिपरा बिठ्ठल, घांटी, मायापुर, घांटी खास, चौरिया बनकटा तिवारी, अमवां, सिंहपुर, धर्मखोर बाबू, इमिलिया गांवों के किसानों की जमीन शामिल है। फिलहाल करार नियमावली के तहत प्रतिकार तय करने के लिए किसानों से वार्ता का पेंच फंसा है।
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मेडिकल कॉलेज के लिए दिए निर्देश
वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने जिले में बनने मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए शीघ्र ही तिथि तय कर सूचित करने को कहा, जिससे मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास कराया जा सके।