कलेक्ट्रेट में लेखपाल संघ का धरना जारी।
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देवरिया। एस्मा को दरकिनार कर कार्य बहिष्कार कर आंदोलित 11 लेखपालों को डीएम ने मंगलवार को निलंबित कर दिया। अन्य लेखपालों का ‘नो वर्क नो पे’ के आधार पर वेतन रोका गया है। निलंबन की कार्रवाई सभी पदाधिकारियों पर हुई है। जिले के सभी तहसीलों के लेखपाल तीन जुलाई से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से राजस्व कार्य ठप हो गया। डीएम के बार-बार कहने के बावजूद आंदोलित लेखपाल कार्य पर वापस नहीं लौटे और नौ जुलाई से कलेक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया। जिद पर अड़े लेखपाल किसी भी अफसर की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। डीएम ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय, ब्रजेशलाल श्रीवास्तव, अमरेंद्र तिवारी, सदर तहसील मंत्री नर्वदेश्वर मिश्र, सदर तहसील के अध्यक्ष राजकुमार मिश्र, सलेमपुर तहसील अध्यक्ष अवधेश दुबे, रुद्रपुर तहसील अध्यक्ष रवि पटेल, कृष्णमुरारी पांडेय, दिग्विजयनाथ मिश्र, गणेश शंकर त्रिपाठी, गौतम प्रसाद को निलंबित कर दिया है। वहीं जिले के 473 लेखपालों का तत्काल प्रभाव से वेतन रोक दिया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि लेखपाल अगर कार्य पर वापस नहीं आते हैं तो बर्खास्त की भी कार्रवाई की जाएगी। अन्य लेखपालों की भी सूची कार्रवाई के लिए तैयार कराई जा रही है।
कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं लेखपाल : चंद्रभूषण
देवरिया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि लेखपाल कोई भी सजा झेलने के लिए तैयार हैं। लेकिन बिना संगठन के निर्देश पर हड़ताल वापस नहीं होगा। जेल में भी लेखपालों का आंदोलन जारी रहेगा।