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जिरासो गांव के खाते में जा रहा डुमरी गांव का पैसा

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देवरिया। सरकारी महकमे की यह अंधेरगर्दी तो देखिए। एक ग्राम पंचायत के 14वें वित्त का पैसा पिछले ढाई वर्षों से दूसरी ग्राम पंचायत के खाते में जा रहा है। हर बार यह पैसा ट्रांसफर हो जाता है और अफसर मौन साधे बैठे रहते हैं। प्रधान दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। बार-बार शिकायत कर रहा है, मगर जिम्मेदार खामोश हैं। धनराशि नहीं मिलने से गांव में विकास कार्य ठप है, जबकि दूसरा गांव दोगुना धन लेकर मौज में है। मामला भटनी ब्लॉक का है।
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पिपरा दीक्षित गांव का राजस्व गांव डुमरी वर्ष 2015 में नया ग्राम पंचायत बना है। दूधनाथ राजभर यहां से प्रधान हैं। अस्तित्व में आने के बाद से इस ग्राम पंचायत को 14वें वित्त की राशि अब तक नहीं मिली है। काफी छानबीन हुई तो पता चला कि डुमरी ग्राम पंचायत के नाम के आगे पास के जिरासो ग्राम पंचायत का खाता नंबर दर्ज हो गया है। लिहाजा वहां भेजी जाने वाली राशि भी सीधे जिरासो के खाते में चली जा रही है। खाता नंबर सुधारने के लिए प्रधान ने ब्लॉक और जिले के अधिकारियों को कई बार पत्र दिया। मौखिक रूप से गुहार लगाई, मगर अब तक सुनवाई नहीं हुई। पंचायतीराज विभाग के अधिकारी इसे ग्राम पंचायत की व्यक्तिगत समस्या बताते हुए खुद लखनऊ जाकर खाता नंबर सुधरवाने की दलील दे रहे हैं। हैरानी की बात है कि प्रकरण संज्ञान में आने के बाद भी जिरासो के खाते में भेजी जा रही अतिरिक्त राशि पर भी रोक नहीं लगाई गई है। पिछले ढाई साल में डुमरी के हिस्से के करीब आठ लाख रुपये जिरासो के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। 14वें वित्त की राशि नहीं मिलने से गांव में विकास कार्य ठप है। नाली-खड़ंजा, शौचालय, हैंडपंप मरम्मत जैसे कोई कार्य नहीं हो पाए हैं। ग्रामीण इसके लिए ग्राम प्रधान को दोष दे रहे हैं, जबकि प्रधान लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। इस संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह का कहना था कि 14वें वित्त की राशि ग्राम पंचायत के खाते में सीधे शासन स्तर से भेजी जाती है। जिला स्तर पर कोई भूमिका नहीं है। वैसे प्रकरण संज्ञान में आने के बाद पत्राचार किया गया है।

डुमरी का पैसा जिरासो के खाते में जाने की शिकायत मिली है। प्रकरण गंभीर है। डीपीआरओ कार्यालय को इसे स्वत: दुरुस्त कराना चाहिए था। टालमटोल करना गलत है। डीपीआरओ को निर्देश दिया गया है कि लेखा पटल के कर्मचारी को विशेष तौर पर निदेशालय भेजकर सुधार कराया जाए। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
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-राजेश त्यागी, सीडीओ देवरिया।
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