देवरिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से समायोजित शिक्षकों में गुस्सा है। मंगलवार को आए फैसले के बाद बुधवार को अधिकांश समायोजित शिक्षक विद्यालय नहीं गए। समायोजित शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने से शिक्षण कार्य पर मामूली असर पड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैध करार दिया है। साथ ही समायोजित शिक्षकों के लिए कुछ राहत भी दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समायोजित शिक्षकों में मायूसी है। जिले में 2677 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हो गए थे। 390 शिक्षामित्र अभी कार्यरत हैं। मंगलवार की शाम से ही लोग यह जानने में लगे रहे कि आखिर अब क्या होगा? बुधवार की सुबह अधिकांश समायोजित शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। कुछ स्कूल पहुंचकर अध्यापन कार्य किए। समायोजित शिक्षकों के स्कूल न पहुंचने से पठन-पाठन थोड़ा प्रभावित हुआ, लेकिन रेगुलर शिक्षकों ने मोर्चा संभाल लिया था। समायोजित शिक्षक पद से निकालने जाने से काफी नाराज हैं। वे बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। बीएसए उपेंद्र कुमार का कहना है कि अधिकांश समायोजित शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे थे। इससे पठन-पाठन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।