देवरिया। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी गंभीर नहीं है। लगातार भ्रामक और गलत रिपोर्ट के कारण पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम ने पांच अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई है।
प्रदेश सरकार का जन सुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) के जरिये आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर सबसे अधिक जोर है। लेकिन अफसर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। पोर्टल पर आए शिकायतों के निस्तारण को लेकर सात अप्रैल को डीएम ने समीक्षा बैठक की। इसमें करीब 1100 शिकायतें लंबित मिलीं। इस दौरान पांच विभाग के अधिकारियों की ओर से पोर्टल पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाने की बात सामने आई। रिपोर्ट जाने के बाद लखनऊ से विभागीय अफसरों ने शिकायतकर्ताओं से फोन कर फीडबैक लिया तो शिकायतकर्ताओं ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। इस मामले में डीएम ने बीएसए उपेंद्र कुमार, गौरीबाजार ब्लॉक के बीडीओ ज्ञानप्रकाश, डीएसएओ केजी पांडेय, बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता जेके शर्मा और डिप्टी आरएमओ जीतेंद्र यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायत निस्तारण का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि आईजीआरएस की शिकायत में गलत रिपोर्ट लगाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी दर्ज की गई है। अगर इसके बाद भी लापरवाही की बात सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।